लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का रविवार को दूसरी बार मंत्रिमंडल (Yogi Cabinet 2.0) विस्तार हुआ। दोपहर 3:30 बजे राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 6 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के कैबिनेट मंत्री पद की शपथ के साथ हुई। इसके बाद समाजवादी पार्टी से बगावत कर बीजेपी में आए विधायक मनोज पांडे ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।
इसके बाद अजीत पाल, सोमेंद्र तोमर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत और सुरेंद्र दिलेर ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया।
मंत्रिमंडल विस्तार में अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन मिला है। दोनों पहले राज्यमंत्री थे, जिन्हें अब नई राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी दी गई है।
योगी सरकार 2.0 का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुआ था।
पूजा पाल का नाम अंतिम समय में कटा
सपा की बागी नेता पूजा पाल को भी मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन अंतिम समय में उनका नाम सूची से हट गया। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भूपेंद्र सिंह चौधरी को पीडब्ल्यूडी विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह विभाग जितिन प्रसाद के केंद्र में मंत्री बनने के बाद से मुख्यमंत्री योगी के पास ही है।
सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश
इस मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और जातीय समीकरणों पर खास ध्यान दिया गया है। नए मंत्रियों में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित वर्ग से हैं। माना जा रहा है कि सरकार आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
इससे पहले शनिवार शाम करीब 6:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजभवन पहुंचे थे, जहां उन्होंने करीब 45 मिनट तक राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसी दौरान नए मंत्रियों की अंतिम सूची राज्यपाल को सौंपी गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विस्तार के जरिए बीजेपी ने सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने और संगठन व सरकार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।











