नई दिल्ली। महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिरने के बाद बीजेपी देश भर में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी आज रात साढ़े आठ बजे देश को संबोधित करने वाले हैं।
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान के 131वें संशोधन विधेयक को शुक्रवार शाम को दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण पास नहीं किया जा सका। इस विधेयक पर दो दिन तक विस्तृत चर्चा हुई थी, लेकिन वोटिंग के दौरान कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें 298 ने पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट डाले। विधेयक को पारित होने के लिए कम से कम 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन यह 54 वोटों से कम पड़ गया। यह 12 साल में मोदी सरकार के लिए पहला बड़ा झटका है।
इस घटना के बाद बीजेपी ने पूरे देश में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। पार्टी के नेता लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर हमला बोल रहे हैं। कैबिनेट की बैठक में पीएम मोदी ने विपक्ष के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि इस गलती की कीमत विपक्ष को चुकानी पड़ेगी और महिलाओं को निराश करने का जवाब उन्हें देना होगा।
कांग्रेस-बीजेपी की कॉन्फ्रेंस में वार पलटवार
बीजेपी की ओर से स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस मौके पर जश्न मनाया, जबकि देश की राजनीतिक महिलाएं दशकों से 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को दरकिनार कर अपना राजनीतिक खेल खेला, जबकि बीजेपी के लिए यह सत्ता का सवाल नहीं, बल्कि समानता का मुद्दा था। ईरानी ने यह भी पूछा कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में महिलाओं को यह अधिकार क्यों नहीं दिया।
दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कल जो हुआ, वह लोकतंत्र की बड़ी जीत है। उन्होंने दावा किया कि सरकार संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही थी, जिसे विपक्ष की एकता ने रोक दिया। प्रियंका ने इसे संविधान और देश की जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष महिलाओं का इस्तेमाल कर सत्ता में बने रहने की रणनीति बना रहा था। अगर बिल पास हो जाता तो वे जीत का दावा करते, और अगर नहीं होता तो विपक्ष को महिला-विरोधी बताकर खुद को महिलाओं का मसीहा साबित करने की कोशिश करते। प्रियंका ने कहा कि महिलाओं के लिए असली मसीहा बनना इतना आसान नहीं है।











