रायपुर। देश में आदिवासी अधिकारों और जल-जंगल-जमीन के मुद्दे को लेकर आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया (Vikrant Bhuria) ने ऐलान किया है कि 26 अगस्त को रायपुर में आदिवासियों की राष्ट्रीय स्तर की बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में देशभर से आदिवासी प्रतिनिधी शामिल होंगे।
डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि बैठक में आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही इन अधिकारों की रक्षा के लिए आगे किस तरह का आंदोलन किया जाए, इसकी रणनीति भी तैयार की जाएगी।
डॉ. भूरिया रायपुर से सड़क मार्ग से मध्यप्रदेश गए हैं। कुछ देर के रायपुर में रुके थे, तभी मीडिया से चर्चा में उन्होंने इस बात का ऐलान किया।
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीयअध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दे लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सरकार की नीतियों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
उन्होंने आदिवासी अधिकारों, फर्जी जाति प्रमाण पत्र, आदिवासियों की गिरफ्तारी और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों के अधिकार छीने जा रहे हैं और उनके संसाधनों पर दूसरे लोगों का कब्जा बढ़ रहा है। जंगलों की कटाई को लेकर भी उन्होंने छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सरकारों पर निशाना साधा।
सीएम साय को बताया ‘नकली आदिवासी’
डॉ. विक्रांत भूरिया ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कार्यशैली और आदिवासी हितों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी दिवस के मौके पर आदिवासी संस्कृति और पहचान को लेकर सरकार ने पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई।
डॉ. भूरिया ने मुख्यमंत्री साय को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए उनकी आदिवासी पहचान पर सवाल उठाया और उन्हें ‘नकली आदिवासी’ तक कह दिया। हालांकि यह उनके राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर सरकार या मुख्यमंत्री की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।










