Bihar news: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया उनका इस्तीफा मंत्री विजय चौधरी और MLC संजय गांधी ने विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा। सभापति ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया। नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए थे। संवैधानिक नियम के अनुसार राज्यसभा सदस्य चुने जाने के 14 दिन के अंदर विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी जरूरी थी। आज यह समयसीमा पूरी हो गई इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया।
नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। उनके इस्तीफे के साथ बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू होने की संभावना है। 2005 में NDA की सरकार बनने के बाद से बीजेपी नंबर-2 की भूमिका में रही है। अब पहली बार बीजेपी को मुख्यमंत्री पद मिलने की चर्चा जोरों पर है। राज्यसभा में नीतीश का कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा।
अभी तक BJP या JDU की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन दोनों पार्टियों के नेताओं ने संकेत दिए हैं कि नया मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा।सम्राट चौधरी को इस रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। वे बिहार के डिप्टी सीएम और BJP विधायक दल के नेता हैं। कुशवाहा समुदाय का प्रमुख चेहरा हैं
कुशवाहा समुदाय की आबादी 4.27% से ज्यादा है जो यादवों के बाद दूसरा सबसे बड़ा पिछड़ा वर्ग है जबकि यादव और कुर्मी समुदाय से पहले मुख्यमंत्री बन चुके हैं, अब कुशवाहा को मौका मिल सकता है।
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी चर्चा में है। वे BJP के पुराने और पक्के नेता हैं हालांकि उनका यादव समुदाय से जुड़ाव RJD से जुड़ा माना जाता है लेकिन समर्थक कहते हैं कि उनका नाम BJP के लिए नई जातीय समीकरण बनाने का मौका हो सकता है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की भी बातें चल रही हैं।
सुबह 9 बजे से CM हाउस में हलचल शुरू हुई। ललन सिंह, अशोक चौधरी, संजय झा और बिजेंद्र यादव नीतीश कुमार से मिले। करीब 10:30 बजे MLC संजय गांधी इस्तीफा लेकर विधान परिषद पहुंचे। मंत्री अशोक चौधरी भावुक हो गए और फफक-फफक कर रोते दिखे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि BJP ने दबाव डालकर नीतीश से इस्तीफा दिलवाया है।
इसके अलावा BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया जिसे बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को सौंपा फिलहाल नई सरकार के गठन से जुड़ी गतिविधियां अब तेज होने वाली हैं।











