पश्चिम मेदिनीपुर। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तीन ईसाई परिवारों पर कथित हमले, मारपीट और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का मामला सामने आया है। शिकायत में बजरंग दल से जुड़े बताए जा रहे 13 लोगों पर ईसाई धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने के लिए धमकाने, एक महिला के कपड़े फाड़ने और उसकी 16 वर्षीय बेटी को दुष्कर्म की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता लक्ष्मी मंडल के अनुसार, 18 अक्टूबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे कई लोग उनके घर में घुस आए और परिवार पर ईसाई धर्म छोड़ने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि रंजीत डोलुई ने उनके सिर पर वार किया, जिससे वह बेहोश हो गईं। होश आने पर उन्होंने अपने कपड़े फटे हुए पाए। शिकायत में रंजीत डोलुई, पोचा पात्रा और बापी मंडल पर उन्हें निर्वस्त्र करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।
लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से पानी डालकर नहलाया गया। इस दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए और इसे शुद्धिकरण की रस्म बताया गया। शिकायत के मुताबिक, उनकी 16 वर्षीय बेटी को भी गाली दी गई और दुष्कर्म की धमकी दी गई।
मामले में बनश्री और सरस्वती नाम की दो अन्य महिलाओं ने भी मारपीट और धमकियों के आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, तीनों परिवारों को तीन दिन तक प्रताड़ित किया गया और पुलिस के पास जाने पर जिंदा जलाने की धमकी दी गई।
विभिन्न अखबारों के मुताबिक, पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि संबंधित परिवार ईसा मसीह में विश्वास रखते हैं, लेकिन उनका बपतिस्मा नहीं हुआ है और उनके पास बपतिस्मा प्रमाणपत्र नहीं हैं।











