रायपुर। रायपुर (Raipur) और बिलासपुर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर नए दस्तावेज सामने आए हैं। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के मुताबिक, रायपुर में विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि में से 1 करोड़ 82 लाख 50 हजार रुपये कार्यालय और प्रशासनिक खर्च में इस्तेमाल किए गए। वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने 23 अक्टूबर को दस्तावेज जारी कर अधिकारियों पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। दोनों शहरों में 1,764 करोड़ रुपये के कार्यों से जुड़ी अनियमितताओं की शिकायत पहले ही EOW/ACB में की जा चुकी है।
विकास कार्यों की राशि कार्यालय खर्च में लगाई
12 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रालय से मिली आरटीआई जानकारी के पेज नंबर 8 पर रायपुर स्मार्ट सिटी का पत्र क्रमांक 25153 दर्ज है। इसके अनुसार, कार्यालय और प्रशासनिक खर्च का बजट कम पड़ने पर प्रोजेक्ट फंड से 1.82 करोड़ रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता ने इसे विकास निधि का गलत इस्तेमाल बताते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
मिशन समाप्त होने के बाद भी 11 प्रोजेक्ट अधूरे
स्मार्ट सिटी मिशन की अवधि 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद केंद्रीय रिपोर्ट के Annexure-II में रायपुर के 27 करोड़ रुपये के तीन और बिलासपुर के 161 करोड़ रुपये के आठ प्रोजेक्ट कार्यान्वयन की स्थिति में दर्ज हैं। वहीं, वित्तीय विवरण में पूरी राशि खर्च होने और शेष बैलेंस शून्य दिखाए जाने से भुगतान और काम की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े हुए हैं।
केंद्रीय अनुदान में 98 करोड़ रुपये की कमी
ठाकुर के मुताबिक, दोनों शहरों को 490-490 करोड़ रुपये का केंद्रीय अनुदान मिलना था। इसके मुकाबले रायपुर को 453 करोड़ और बिलासपुर को 429 करोड़ रुपये मिले। इस तरह निर्धारित राशि से कुल 98 करोड़ रुपये कम प्राप्त हुए। शिकायतकर्ता ने इसके पीछे प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि, पूरी राशि जारी नहीं होने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
EOW में शिकायत, जांच की मांग
मनोज सिंह ठाकुर का कहना है कि मंत्रालय से मिले दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने खर्च की गई राशि, अधूरे निर्माण कार्यों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल आरोपों पर स्मार्ट सिटी प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।











