कोयंबटूर। तमिलनाडु के कोयंबटूर (Coimbatore) में 11वीं के दलित छात्र ए. अखिलन ने 21 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली। मां का आरोप है कि स्कूल में जाति और बीफ खाने को लेकर उसे लगातार अपमानित किया जाता था। परिवार के मुताबिक अखिलन ने शिक्षक और प्रधानाध्यापक से शिकायत की, पर उत्पीड़न रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
पुलिस ने कक्षा शिक्षक, प्रधानाध्यापक और दो सहपाठियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिक्षक और दोनों सहपाठियों की गिरफ्तारी की खबर है।
अखिलन पीलमेडु के सरकारी सहायता प्राप्त के.के. नायडू हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ता था। पुलिस के अनुसार उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक उसने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा।
स्थानीय अखबारों की खबरों के मुताबिक, मां कौसल्यादेवी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि करीब दो महीने पहले कक्षा शिक्षक पी. विजयकुमार ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए चिह्नित करने के दौरान सबसे जाति पूछी। इसी दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि कौन बीफ खाता है।
शिकायत के मुताबिक अखिलन और कुछ अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि वे अनुसूचित जाति से हैं और बीफ खाते हैं। आरोप है कि इसके बाद अखिलन को निशाना बनाया जाने लगा। सहपाठी उसे जातिसूचक शब्द कहते, ताने मारते और उससे दूरी बनाकर रखते थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में मारपीट का भी जिक्र है।
मां के अनुसार अखिलन ने कक्षा शिक्षक और प्रधानाध्यापक अरुण कुमार को अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार की जानकारी दी थी। परिवार ने भी स्कूल प्रशासन से शिकायत की। आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रिपोर्टों के अनुसार मानसिक परेशानी के चलते अखिलन पिछले महीने कुछ समय के लिए एक रिश्तेदार के यहां रहने चला गया था। पिता उसे वापस लाए और स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। परिवार का कहना है कि कुछ समय ताने बंद रहे, फिर दोबारा शुरू हो गए।
21 अक्टूबर को अखिलन घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
शिक्षक को 22 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। दोनों सहपाठियों की भी गिरफ्तारी की सूचना है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दोनों नाबालिग हैं और उन्हें निगरानी गृह भेजा गया है।
स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक और प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं है।
तमिलनाडु राज्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग ने कोयंबटूर शहर के पुलिस आयुक्त से की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। आयोग ने एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।











