भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दोनों घोटालों की बाढ़ आ रखी है। ये घोटालों को खबरें तब और पुख्ता हो जाती हैं जब अधिकारी खुद इसकी जानकारी दें। मध्यप्रदेश में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। राजधानी भोपाल के भौंरी स्थित राष्ट्रीय नगरीय प्रबंधन संस्थान में आयोजित एक बैठक के दौरान अपर प्रमुख सचिव (APS) संजय दुबे ने खुद निकायों में चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने खुलासा किया है कि नगरीय निकायों में नियमों को ताक पर रखकर बाजार मूल्य से तीन गुना तक अधिक कीमतों पर सामानों की खरीदी की गई है।
दरअसल, मध्यप्रदेश के अपर प्रमुख सचिव संजय दुबे का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि इस वायरल वीडियो को पुराना बताया जा रहा है। वीडियो भौंरी स्थित शहरी विकास प्रशिक्षण संस्थान में हुई बैठक का बताया जा रहा है। वीडियो करीब पांच-छह महीने पुराना है। वीडियो में संजय दुबे बोलते दिख रहे हैं कि विभाग के पास हर खरीदी का हिसाब है और गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी। प्रदेश के 374 निकायों ने 3 साल में जेम पोर्टल से 1134 करोड़ रुपए की खरीदी की।
खरीदी के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार
बैठक के दौरान अपर प्रमुख सचिव संजय दुबे ने जिन मामलों का पर्दाफाश किया, वे हैरान करने वाले हैं। जहां एक नगरीय निकाय में कचरा गाड़ी 2 लाख रुपये में खरीदी गई, वहीं दूसरे निकाय में उसी गाड़ी के लिए 6 लाख रुपये तक चुकाए गए। 5 रुपए/लीटर फिनायल को 33500 रुपए प्रति लीटर में, अधिकारियों की पोल खोलते हुए उन्होंने कहा कि महज 200 एलईडी लाइटें 60 लाख रुपये में खरीदी गईं, यानी एक लाइट की कीमत करीब 33,000 रुपये पड़ी, जो कि उसकी वास्तविक कीमत से कई गुना ज्यादा है।
ये मत सोचिए कि हमें गड़बड़ियों की जानकारी नहीं है
निकायों में नियमों के विरुद्ध जरूरत से कहीं अधिक गाड़ियां खरीद ली गईं। कई जगह तो हालात यह हैं कि संबंधित निकायों में जितने वार्ड नहीं हैं, उससे ज्यादा गाड़ियां कागजों पर खरीद ली गईं और यह तक पता नहीं है कि वे गाड़ियां असल में कहां चल रही हैं।
बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए अपर प्रमुख सचिव संजय दुबे ने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई यह न समझे कि इन गड़बड़ियों की जानकारी शासन को नहीं है। भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के इन मामलों को बेहद गंभीरता से लिया गया है।











