नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेशनल प्रेसिडेंट नेहा बोरा (Neha Bora) ने शनिवार को कहा है कि वह पीस बॉन्ड साइन नहीं करेंगी।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने इस पीस बॉन्ड नोटिस को चुनौती दी थी।
नेहा बोरा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं पीस बॉन्ड साइन नहीं करूंगी। एक तरफ संविधान हमें अधिकार देता है, जिसमें विरोध करने का अधिकार भी शामिल है। दूसरी तरफ पीस बॉन्ड है। जिस तरीके से पीस बॉन्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसे साइन करना हमारे मौलिक अधिकारों के खिलाफ जाएगा।”
उन्होंने कहा कि इस पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करना इस बात का संकेत होगा कि देश में किसी भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
नेहा बोरा ने कहा, “आइसा इस तरह की कार्रवाई को नॉर्मल नहीं बनने देगा। पीस बॉन्ड पहली नजर में भले ही सामान्य दिखाई देता हो, लेकिन इसके जरिए प्रदर्शनकारियों से यह आश्वासन मांगा जाता है कि वे शांति भंग नहीं करेंगे।”
नेहा बोरा ने सवाल उठाया कि ऐसे पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के क्या मायने हैं, जब इसका इस्तेमाल लोकतांत्रिक विरोध को रोकने के लिए किया जा सकता है।
गौरतलब है कि नेहा बोरा ने 16 अक्टूबर को हुए ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद एक जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और एक जमानतदार देने के नोटिस को चुनौती दी थी।








