अमित शाह ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर लगाए नक्सली आतंक को संरक्षण के आरोप, कांग्रेस ने गृह मंत्री के पुराने बयानों से ही किया पलटवार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ @25 : शिफ्टिंग द लेंस’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर माओवादी आतंक को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस ने इसे राजनीतिक विद्वेष बताते हुए गृह मंत्री के पुराने बयानों के आधार पर जवाबी हमला किया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, ‘वे भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में भी केंद्रीय गृह मंत्री थे और पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह सकते हैं कि उस समय माओवादी आतंक को संरक्षण मिला।’
उन्होंने आगे कहा कि किसी लोकतांत्रिक शासन द्वारा हथियारबंद समूहों को प्रश्रय देना समझ से परे है।

शाह ने नक्सलवाद को विकास की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा आधारित चुनौती बताते हुए कहा कि बंदूक के बल पर व्यवस्था बदलने का रास्ता भारतीय संविधान के खिलाफ है।

शाह ने यह भी दावा किया कि छत्तीसगढ़ माओवादी समस्या से निर्णायक रूप से बाहर निकलने की ओर अग्रसर है और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर 31 मार्च 2026 से पहले देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लक्ष्य पर काम कर रही हैं। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के लिए मुख्यधारा में लौटने का आह्वान किया।

कांग्रेस ने कहा – अमित शाह नक्सलवाद पर राजनीति कर रहे

केंद्रीय गृह मंत्री के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अमित शाह नक्सलवाद पर राजनीति कर रहे हैं और यह उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नक्सली घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई थी, जिसे खुद अमित शाह ने पूर्व में स्वीकार किया है।

शुक्ला ने 5 अप्रैल 2021 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय अमित शाह ने मीडिया के सामने कहा था कि केंद्र और भूपेश सरकार ने मिलकर नक्सलवाद को पीछे धकेल दिया है और राज्य में नक्सली घटनाओं में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आई है। उस दौरान वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने भी नक्सलवाद के ‘पैक-अप मोड’ में होने की बात कही थी।

कांग्रेस ने दावा किया कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में विश्वास-विकास-सुरक्षा की नीति के तहत दूरस्थ इलाकों में सुरक्षा कैंप, सड़क और पुलों का निर्माण हुआ, अबूझमाड़ में बुनियादी ढांचा विकसित किया गया, 300 से अधिक स्कूल, अस्पताल और राशन दुकानें खोली गईं तथा 67 से अधिक वनोपजों की खरीदी की गई।

कांग्रेस के अनुसार, इन प्रयासों से जनता का भरोसा बढ़ा और 600 से अधिक गांव नक्सल मुक्त हुए।

चढ़ा छत्तीसगढ़ का सियासी पारा

एक ओर जहां गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर सख्त कार्रवाई और निर्णायक जीत का दावा कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस इसे अपने शासनकाल की नीतियों का परिणाम बता रही है।

नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच आरोप-जवाब की राजनीति तेज होने से राज्य का सियासी तापमान और बढ़ गया है।

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दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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