रांची। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सीआरपीएफ की कोबरा (COBRA) 209 बटालियन ने एक करोड़ रुपये के इनामी और देश के सबसे वांछित माओवादी नेताओं में शामिल मिसिर बेसरा (Misir Besra) को गिरफ्तार कर लिया है।
मिसिर बेसरा के साथ दो अन्य नक्सली मोछू और गौरव हांसदा भी पकड़े गए हैं। यह कार्रवाई गिरिडीह-धनबाद क्षेत्र के जंगलों में की गई।
मिसिर बेसरा प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) का शीर्ष नेता और सेंट्रल कमेटी का सदस्य माना जाता है। वह लंबे समय से झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख रणनीतिकार रहा है। उस पर झारखंड सरकार और अन्य एजेंसियों ने कुल ₹1 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था।
सुरक्षा एजेंसियां कई वर्षों से उसकी तलाश में बड़े स्तर पर अभियान चला रही थीं। हाल के महीनों में झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में विशेष ऑपरेशन तेज किए गए थे। माना जा रहा था कि लगातार आत्मसमर्पण और माओवादी नेटवर्क के कमजोर पड़ने के बाद मिसिर बेसरा सुरक्षा बलों के निशाने पर था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मिसिर बेसरा वर्ष 2007 में एक बार गिरफ्तार भी हुआ था, लेकिन 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट परिसर से माओवादी हमले के दौरान फरार हो गया था। तब से वह सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था।
मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को झारखंड में माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उसके साथ गिरफ्तार किए गए मोछू और गौरव हांसदा से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे माओवादी नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों और संगठन की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।








