रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार दूसरे दिन भी आग ने बड़ा तांडव मचाया। जीई रोड पर तेलीबांधा में ऑक्टोपस बार (Octopus Bar) के बगल में हार्डवेयर दुकान पास देर रात करीब 1 बजे भीषण आग लग गई।
हार्डवेयर दुकान से शुरू हुई आग देखते ही देखते ऑक्टोपस बार समेत आसपास की चार दुकानों तक फैल गई। आग की चपेट में बाहर खड़े कुछ दोपहिया वाहन भी आ गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग इतनी विकराल थी कि उसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 13 गाड़ियों को लगाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद बुधवार सुबह आग पर काबू पाया जा सका।
आग पास के होटल तक भी पहुंच गई, जिससे वहां ठहरे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कई लोगों को अपना सामान निकालने का मौका भी नहीं मिला। घटना में ऑक्टोपस बार समेत कई दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। दुकान मालिक भी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे।

तेलीबांधा पुलिस की अनुसार, आग हार्डवेयर दुकान से शुरू हुई थी। तेज बारिश के बावजूद आग पर काबू पाने में काफी दिक्कत आई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।
दमकल व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के दौरान राजधानी की दमकल व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के करीब 45 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची, जबकि दूसरी गाड़ी लगभग आधे घंटे बाद पहुंची। इतना ही नहीं, दुकानों के शटर तोड़ने या खोलने के लिए आवश्यक उपकरण भी मौके पर उपलब्ध नहीं थे, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी दमकल संसाधनों की कमी पर चिंता जताई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि राजधानी में दमकल सेवाओं की यह स्थिति है, तो अन्य जिलों की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है, हालांकि नुकसान का अंतिम आकलन जांच के बाद ही सामने आएगा।
यह भी पढ़ें: अंबेडकर अस्पताल की इमरजेंसी में एसी फटा, मची अफरा-तफरी










