आजकल अशोक खरात उर्फ कैप्टन बाबा या भोंडू बाबा की कहानी चर्चा में है। यह कहानी ऐसी है मानो कोई थ्रिलर फिल्म चल रही हो। 67 साल का ये आदमी पहले मर्चेंट नेवी में कैप्टन था, 22 साल समुद्र पर घूमा, 150+ देश देखे। वापस नासिक (महाराष्ट्र) आकर 1990s के अंत में अंक ज्योतिष और कॉस्मोलॉजी का ढोंग रचा। शुरू में सिन्नर तालुका के मीरगांव में श्री ईशनेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट बनाया, खुद को अध्यक्ष बनाया। सैलर से ज्योतिषी, फिर स्वयंभू गॉडमैन, फिर महाराष्ट्र के एलीट क्लास का पावर ब्रोकर, और आखिर में जेल का मेहमान बना! ज़बरदस्त कहानी है, बहुत सारे ट्विस्ट भी हैं। धुरंधर की तरह!
रोचक बात ये कि वो खुद को ‘त्रिकालज्ञानी’, ‘भगवान शिव का अवतार’ और ‘कॉस्मोलॉजी स्पेशलिस्ट’ बताता। लोगों को डेट ऑफ बर्थ और नाम देकर पिछले जन्म की कहानी सुनाता – “तुम पिछले जन्म की अप्सरा हो, पति से तलाक तय है” जैसी लाइनें मारकर महिलाओं का भरोसा जीतता। फिर ‘दिव्य उपाय’ के नाम पर महंगे अनुष्ठान करवाता। राजनीति और एलीट क्लास तक उसकी पहुंच बन गई। कई नेता, अफसर, यहां तक कि महिला आयोग की चेयरपर्सन तक उसके पैर छूते दिखे। एक पूर्व विधायक बच्चू कड़ू की फोटो वायरल हुई।

अशोक खरात दूसरे बाबाओं जैसे राम रहीम, आसाराम, नित्यानंद से बिल्कुल अलग नहीं था। आस्था की आड़ में सेक्स शोषण + ब्लैकमेल + ठगी का त्रिकोण। वह डर का खेल खेलता। रिमोट कंट्रोल वाले प्लास्टिक सांप, टाइगर स्किन, जंगली जानवरों की चीजें दिखाकर डराता। कहता -तुम पर शाप है, भूत है, मैं ही भगा सकता हूं।
ठगी का तरीका भी अनूठा था। बाजार से 100 रुपये किलो के इमली के साधारण बीज खरीदता, पॉलिश कर एनर्जाइज्ड दिव्य बीज बताकर 10 हजार से 1 लाख रुपये में बेचता। एल्विश हनी या टर्किश हनी नाम से साधारण शहद को सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवा बताकर 15 लाख तक वसूलता। ओश्नो जल के नाम पर वियाग्रा जैसी दवाएं पानी में घोलकर महंगे दाम पर टिकाता। घर आकर विशेष उपाय के नाम पर लाखों रुपये चार्ज करता।
शोषण का तरीका यह था कि महिलाओं को अनुष्ठान के बहाने बुलाता। ड्रिंक्स में नशीली दवा सेडेटिव मिलाकर बेहोश करता, फिर शोषण। छिपे कैमरे और CCTV से वीडियो बनाता। बाद में ब्लैकमेल – “बोल दिया तो पति मर जाएगा, परिवार बर्बाद हो जाएगा”। एक पीड़िता ने बताया कि नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 तक तीन साल तक बार-बार रेप किया। जबरन गर्भपात के आरोप भी है। पुलिस को उसके ऑफिस से 58 अश्लील वीडियो वाली पेन ड्राइव मिली (कुछ रिपोर्ट्स में 100+ वीडियो का जिक्र)। ये ‘महाराष्ट्र के एपस्टीन फाइल्स’ कहलाने लगे। महाराष्ट्र ब्लैक मैजिक एक्ट, रेप, ब्लैकमेल, एक्सटॉर्शन, अंधविश्वास फैलाने के केस चल रहे हैं।
छापों में पिस्तौल, कारतूस, कैश, बेनामी प्रॉपर्टी के कागजात मिले। बाबा ने 15-20 साल में 150-200 करोड़ (कुछ रिपोर्ट्स में 1500 करोड़ तक का अनुमान) का साम्राज्य खड़ा किया। पाथर्डी में 30 एकड़, सिन्नर के कहांडलवाड़ी-मीरगांव में 45 एकड़ जमीन है।आलीशान बंगला, मंदिर ट्रस्ट, अन्य जगहों पर पत्नी-बेटी के नाम प्रॉपर्टी भी है। ईडी और इनकम टैक्स विभाग भी जांच में आ गए हैं।

अशोक खरात हो या राम रहीम, आसाराम हो या चंद्रा स्वामी इन सभी को नेताओं का पूरा सहयोग और समर्थन मिलता है। नेता इनकी कथित लोकप्रियता का फायदा उठाते हैं और ये नेताओं के पावर का। ये बाबा आस्था और चमत्कार से लोगों को लुभा ते हैं। हीलिंग/लिबरेशन/एनर्जी के नाम पर सेक्सुअल शोषण करते हैं। महंगे कोर्स, डोनेशन, फेक प्रोडक्ट्स, प्रॉपर्टी स्कैम को अंजाम देते हैं। कल्ट कंट्रोल करते हैं। फॉलोअर्स को अलग-थलग कर परिवार से दूर कर, ब्लैकमेल करते हैं। इनके यहाँ सेलेब्रिटी राजनेता या स्टार्स आते तो क्रेडिबिलिटी बढ़ती है। जांच रुकती प्रभावित होती है।
आजकल आसाराम और राम रहीम जमानत पर हैं। आसाराम बापू के गुजरात-राजस्थान में 400+ आश्रम, स्कूल, गुरुकुल थे। ।लाखों फॉलोअर्स अभी भी हैं। वे महंगे अनुष्ठान कराते , दान के नाम पर करोड़ों वसूली करते, बेनामी प्रॉपर्टी खरीदते, लैंड एन्क्रोचमेंट करते। उन पर ब्लैक मैजिक और मानव बलि के आरोप लगा था। 2008 में दो बच्चों की मौत का केस चला। 2018 में जोधपुर कोर्ट ने 16 साल की लड़की का रेप का दोषी ठहराया – भूत निकालने के बहाने शोषण का मामला सामने आया था। गुजरात में दूसरी महिला का बार-बार रेप। उनके खिलाफ गवाही देनेवाले तीन गवाह मारे गए। आसाराम के बेटे नारायण साई पर भी रेप केस चला। वह जेल में है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों के नेता आसाराम के आश्रम जाते थे। मुख्यमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी भी और दिग्विजय सिंह भी। राजस्थान-गुजरात सरकारों ने केस में लंबे समय ढिलाई बरती क्योंकि उनके फॉलोअर्स वोट बैंक थे, इसलिए राजनीतिक संरक्षण था। जेल में स्पेशल ट्रीटमेंट मिलता रहा – बेल, मंदिर दर्शन की आजादी मिली।

डेरा सच्चा सौदा वाले गुरमीत राम रहीम सिंह रॉकस्टार स्टाइल के गॉडमैन थे। हरियाणा-पंजाब में लाखों फॉलोअर्स। फिल्में, गाने, खुद को रॉकस्टार दिखाते। दो महिलाओं का रेप (2017 में 20 साल सजा)। पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या (2019 में लाइफ इम्प्रिजनमेंट) सजा मिली। बाद में हाई कोर्ट से पत्रकार की हत्या के मामले में बरी हुए। उन पर 400 फॉलोअर्स को जबरन कास्ट्रेशन (नपुंसक बनाना) का अनोखा मामला चला। गुरु ग्रंथ साहिब अपमान के 100 से ज्याद केस दर्ज हुए। आर्म्स ट्रेनिंग, फेक कंपनियां, मनी लॉन्ड्रिंग सब के इल्जाम लगे। वोट बैंक के कारण बीजेपी और कांग्रेस दोनों उन्हने लुभाने की कोशिश करतीं। चुनाव से पहले पैरोल पर बार-बार बाहर आते थे। केक काटते, परिवार से मिलते। फॉलोअर्स को वोट ट्रांसफर का निर्देश। सेलिब्रिटी कनेक्शन कम, लेकिन पॉलिटिकल पावर से बचाव – दंगे करवाने के आरोप, जांच में देरी। 2026 में कुछ केस में बरी भी हुए, लेकिन रेप सजा काट रहे।

स्वामी नित्यानंद का बिदादी आश्रम (कर्नाटक) ध्यान, योग, मेडिटेशन के नाम पर पॉपुलर था। 2010 में एक्ट्रेस के साथ।सेक्स टेप लीक हुआ। आध्यात्मिक अनुभव के नाम पर महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोप। बच्चों का किडनैपिंग, शोषण के भी आरोप । भारत में फरार होकर अमेरिका में यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा नाम का फेक देश बनाया – फेक पासपोर्ट, करेंसी, यूएन एम्बेसडर। बोलीविया में आदिवासियों से हजारों हेक्टेयर जमीन स्कैम में 2025 में गिरफ्तारी भी हुई। आज विदेश में ‘सुप्रीम पॉन्टिफ’ बनकर पैसे ऐंठ रहे।
चंद्रा स्वामी को पॉलिटिकल पावर का सबसे बड़ा गॉडमैन माना जाता है। चंद्रा स्वामी का नाम हर बड़े नेता से जुड़ा था। वे पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के स्पिरिचुअल एडवाइजर थे, उनके आश्रम में पॉलिटिकल मीटिंग्स होती थीं। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, चंद्रशेखर जैसे नेताओं से कनेक्शन बताया जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्गरेट थैचर, सुल्तान ऑफ ब्रुनेई, एलिजाबेथ टेलर, सद्दाम हुसैन, आर्म्स डीलर अदनान खशोगी तक उनके फॉलोअर्स थे, ऐसा कहा जाता है।

चंद्रा स्वामी ठगी और फ्रॉड केस में फंसे। 1996 में लंदन के बिजनेसमैन लखुभाई पाठक (पिकल किंग) से 1 लाख डॉलर ठगे। फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट के वॉयलेशन फंसे थे। राजीव गांधी हत्या की साजिश में नाम आया था। जैन कमीशन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चंद्रस्वामी ने लिट्टे को फंडिंग में मदद की, हथियार डीलरों से पैसे। उनके आश्रम से 11 मिलियन डॉलर के डॉक्यूमेंट्स मिले। अंडरवर्ल्ड दाऊद इब्राहिम तक से कनेक्शन के आरोप लगे। नरसिंहा राव के समय में उनका आश्रम दिल्ली का पावर सेंटर बन गया। जब राजेश पायलट ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला तो राव ने उन्हें हटा दिया। बाद में अटल बिहारी वाजपेयी के भी करीब रहे। 2017 में मरे, लेकिन उनका केस दिखाता है कि गॉडमैन पॉलिटिक्स में कितना दखल दे सकते हैं – फ्रॉड, हत्या की साजिश और अंतरराष्ट्रीय लिंक्स।

संत रामपाल पर मर्डर, सेडिशन, अवैध हथियार के मामले चले थे। उनके आश्रम पर पुलिस छापे में झड़प, मौतें हुईं। राधे मां पर दहेज प्रताड़ना, ओब्सीनिटी के आरोपलगे। भीमानंद पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोपलगा। भोले बाबा (नारायण साकर हरि) के आयोजन में भरी भगदड़ हुई थी, 2024 में जिसमें 120से ज्यादा मौतें हुई थीं, लेकिन राजनीतिक कनेक्शन से बच गए।कृपालु महाराज पर भी पुराने केस चले। महाराष्ट्र से कनेक्शन रखनेवाले इंदौर के भय्यू महाराज भी कई कारणों से चर्चा में रहे। नरेन्द्र मोदी, विलासराव देशमुख, शिवराजसिंह चौहान जैसे नेता और लता मंगेशकर जैसी हस्तियां उनके यहाँ आती थीं। अन्ना हजारे जब आमरण अनशन पर बैठे तब भय्यू महाराज ने उनंका अनशन तुड़वाया था। मध्यप्रदेश सर्कार ने उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया था, जो विवाद के चलते उन्होंने नहीं लिया। वे परंपरागत संत नहीं थे, जींन्स भी पहनते थे, ग्लैमर की दुनिया से भी संपर्क में थे। कभी मॉडलिंग भी की थी। संदेहास्पद हालात में 12 जून 2018 को उन्होंने अपनी ही रिवाल्वर से खुद को गोली मरकर आत्महत्या कर ली थी।
बहुत से अच्छे संत और आध्यात्मिक गुरु भी हैं, लेकिन वे भी कई कारणों से विवादों में आ ही जाते हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा और धीरेन्द्र शास्त्री (बागेश्वर धाम वाले) आजकल के लोकप्रिय कथावाचक और युवा बाबा हैं, जो लाखों-करोड़ों भक्तों को अपनी कथाओं और दिव्य दरबार से जोड़ते हैं। ये आस्था की आड़ में चलते हैं, लेकिन विवादों से भी घिरे रहते हैं। इनके नाम पर बड़े-बड़े फाइनेंशियल स्कैम, प्रॉपर्टी फ्रॉड या रेप जैसे गंभीर केस नहीं मिलते लेकिन अंधविश्वास फैलाने, विवादित बयानों, भीड़ हादसों और राजनीतिक साठगांठ के आरोप जरूर लगते हैं।

प्रदीप मिश्रा मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। वो भगवत कथा, शिव महापुराण, राम कथा आदि करते हैं। लाखों लोग उनकी कथाएं सुनते हैं – यूट्यूब, टीवी और लाइव प्रोग्राम में। वो खुद को कथा वाचक बताते हैं और चमत्कार, उपाय, रुद्राक्ष जैसी चीजें प्रमोट करते हैं। उन्होंने ब्रज में कथा करते हुए राधारानी पर विवादित टिप्पणी की। ब्रजवासी और संत-महंत भड़क गए, महापंचायत हुई, पुतले फूंके गए। बाद में वृंदावन में नाक रगड़कर माफी मांगी। सीहोर-गुना में कथा में कहा – “तुम मुझे नहीं जानते यमराज” और चित्रगुप्त पर बयान। कायस्थ समाज ने भारी विरोध किया, कानूनी नोटिस दिया, पुतला फूंका, माफी मांगी। छत्तीसगढ़ में चित्रगुप्त शक्तिपीठ पर सार्वजनिक माफी की मांग हुई। यह भी कहा कि यमुना और ताप्ती बहनों जैसी हैं, लेकिन आपस में नहीं बनती, इसलिए अस्थियां विसर्जित होती हैं। कथा में पैसों को लेकर आयोजन समिति और टेंट वाले के बीच झगड़े (दुर्ग में 2025 में पंडाल उखाड़ने की नौबत), मानसरोवर में पास विवाद में भीड़ धक्का-मुक्की भी आईं। ये भी चमत्कार, महंगे अनुष्ठान, “एनर्जाइज्ड” सामान बेचने जैसे काम करते और करवाते हैं। हिन्दू धर्म की बातें करते हैं, जो बीजेपी के एजेंडे से मैच करता है।

छतरपुर (मध्य प्रदेश) के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं धीरेन्द्र शास्त्री। दिव्य दरबार में भूत-प्रेत निकालना, बीमारी बताना, मन पढ़ना, भविष्य बताना जैसे चमत्कार दिखाते हैं। सोशल मीडिया पर बहुत पॉपुलर – लाखों फॉलोअर्स। घर वापसी, लव जिहाद, हिंदू राष्ट्र जैसी बातें करते हैं। ग्लोबली बड़े ब्रांडों का सामन वापरते हैं। चार्टर्ड प्लेन में यात्रा करते हैं। “भारत में रहना है तो सीता-राम कहना होगा”, अल्पसंख्यकों पर तीखे बयान देते हैं। एक बार नागपुर में अंधश्रद्धा निरमूलन समिति ने चैलेंज किया,एफआईआर हुई। ‘भूत निकालना’, बिना मेडिकल चेक बीमारी ठीक करना आदि दावे करते रहे हैं। राजनीतिक संपर्क बहुत मजबूत हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें छोटा भाई कहा और बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल की नींव रखी थी।
भारत में धर्म धंधा और आध्यात्म कारोबार बन चूका है। कई बाबाओं की नेटवर्थ हजारों करोड़ में है। आजकल ‘धर्म का धंधा सबसे चोखा धंधा है’ मतलब, आस्था की आड़ में पैसा, पावर और प्रॉपर्टी बनाने का सबसे आसान और फायदेमंद बिजनेस। मंदिर, आश्रम, गुरु, बाबा, कथा, दिव्य दरबार, योग, आयुर्वेद, रुद्राक्ष, चमत्कार वाले उपाय – सब को पैकेजिंग देकर बेचना। लोग दुख, बीमारी, गरीबी, डर, भविष्य की चिंता में फंसते हैं।
2025 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत का रिलिजियस एंड स्पिरिचुअल मार्केट बहुत बड़ा है। एक मार्किट रिसर्च ग्रुप के अनुसार 2022 में ये करीब साढ़े 4 लाख करोड़ रुपये का था और 2028 तक करीब 8 लाख करोड़ पहुंचने वाला है, सालाना 10% से ज्यादा ग्रोथ के साथ। ग्लोबल स्पिरिचुअल सर्विसेज मार्केट में भारत का हिस्सा 2025 में करीब 1,20,0000 करोड़ का बताया जा रहा है।ये सिर्फ मंदिरों का चढ़ावा नहीं है। इसमें शामिल हैं :
आश्रम और ट्रस्ट: करोड़ों की प्रॉपर्टी, बेनामी लैंड, स्कूल-हॉस्पिटल के नाम पर टैक्स फ्री इनकम। प्रोडक्ट्स: रुद्राक्ष, ताबीज, एनर्जाइज्ड बीज, एल्विश हनी, आयुर्वेदिक दवाएं, स्पिरिचुअल किताबें, ऑनलाइन कोर्स।
इवेंट्स: कथा, सत्संग, कुंभ, योग शिविर – जहां एंट्री फ्री लेकिन दान-चढ़ावा और स्पॉन्सरशिप से करोड़ों कमाई।
मीडिया: डेडिकेटेड टीवी चैनल, यूट्यूब, ऐप्स, जहां चमत्कार लाइव दिखाए जाते हैं।
टूरिज्म: धार्मिक टूर, होमस्टे, स्पिरिचुअल रिट्रीट – राम मंदिर, कुंभ, वैष्णो देवी जैसे स्थानों के आसपास पर होटल, ट्रांसपोर्ट, प्रोडक्ट्स का पूरा इकोसिस्टम।
ये कारोबार चलता है मार्केटिंग: सोशल मीडिया, टीवी, फोटोशूट से । बाबा रॉकस्टार बन जाते हैं। कई बाबा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह इसे चलाते हैं। नेता आकर फोटो खिंचवाते हैं। नेता और बाबा रैलियोन में एक दूसरे की जय जयकार करते हैं।











