Tamil Nadu Government Formation : तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों काफी गरमा हुई हुई है। लोकप्रिय फिल्म अभिनेता और तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) के संस्थापक थलापति विजय गुरुवार को लगातार दूसरे दिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मिलने लोकभवन पहुंचे। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात में विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने की अपनी दावेदारी दोहराई लेकिन राज्यपाल ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पहले स्थिर सरकार के लिए बहुमत साबित करना होगा।
TVK ने बुधवार को राज्यपाल को 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था लेकिन राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया है कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए कम से कम 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। फिलहाल TVK के पास 108 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस ने 5 विधायकों का समर्थन दिया है। विजय खुद दो सीटों से जीते हैं, इसलिए एक सीट छोड़ने पर उनके पास 107 सीटें बचेंगी। ऐसे में उन्हें अभी भी 11 और समर्थन की जरूरत है। मुलाकात के बाद विजय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं और जल्द ही सभी जरूरी समर्थन जुटा लेंगे। उन्होंने समर्थकों से धैर्य रखने की अपील भी की।
समर्थकों में निराशा
विजय के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां नेहरू इंडोर स्टेडियम में जोरों पर थीं। हजारों की संख्या में समर्थक सुबह से स्टेडियम पहुंच चुके थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि कार्यक्रम टाल दिया गया है तो वहां निराशा छा गई। कई समर्थक गेट बंद होने के बाद भी काफी देर तक बाहर इंतजार करते रहे।
अन्य दलों का रुख
वीसीके (विडुथलाई चिरुथिगल कच्ची) के प्रमुख थोल तिरुमावलन ने राज्यपाल से अपील की है कि TVK को सरकार बनाने का मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि बहुमत साबित करना बाद में भी हो सकता है। वहीं CPI(M) ने इस मुद्दे पर शुक्रवार को अहम बैठक बुलाई है।
4 मई को आए पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद तमिलनाडु में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अगर विजय जल्दी से बहुमत साबित कर लेते हैं तो तमिलनाडु में 60 साल बाद एक नई पार्टी की सरकार बन सकती है। अभी देखना होगा कि विजय अगले कुछ दिनों में बाकी समर्थन कैसे जुटाते हैं और राज्यपाल उन्हें कब शपथ दिलाते हैं।







