भोपाल। (Madhya Pradesh) शासन में कैबिनेट मंत्री (Kailash Vijayvargiya) एक बार फिर विवादों से घिर गए हैं। मानसून सत्र के पहले दिन कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस विधायक दल धरने पर बैठ गया। कांग्रेस विधायक दल ने आरोप लगाया है कि नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छात्रों के संदर्भ में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें “कीड़ा” कहा, जिससे छात्र समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
कांग्रेस का कहना है कि हाल ही में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार चर्चा से बच रही है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों की समस्याओं पर गंभीर बहस कराने के बजाय सरकार ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
मंत्री के बयान को कांग्रेस ने बनाया मुद्दा
कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा के भीतर और बाहर इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए कहा है कि छात्र लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। विपक्ष का कहना है कि यदि मंत्री द्वारा ऐसा बयान दिया गया है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक कैलाश विजयवर्गीय छात्रों से माफी नहीं मांगते, तब तक कांग्रेस विधायक दल अपना विरोध जारी रखेगा। विपक्ष ने इसे केवल राजनीतिक नहीं बल्कि छात्रों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा विषय बताया है।
धरने के बीच पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय
कांग्रेस का विधायक दल मुख्यमंत्री मोहन यादव के केबिन के बाहर बैठकर प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वहां पहुंच गए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार से धरना खत्म करने की बात की। तो उन्होंने कहा कि आप छात्रों से माफी मांग लेंगे तो धरना खत्म हो जाएगा। लेकिन, कैलाश विजयवर्गीय ने माफी मांगने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मैने कुछ गलत नहीं बोला है और माफी मांगने की जरूरत नहीं है। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।








