NEET Paper Leak मामले में नया बड़ा खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार आरोपी छात्र का संबंध मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से जुड़ा होने के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है और कई बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी और आरोप
राजस्थान पुलिस ने नासिक के शुभम खैरनार को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि शुभम पर परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और लीक नेटवर्क से संबंध रखने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था या अकेला काम कर रहा था।
सीहोर यूनिवर्सिटी से कनेक्शन
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि शुभम खैरनार ने साल 2021 में सीहोर की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी में बीएएमएस (आयुर्वेदिक चिकित्सा) कोर्स में प्रवेश लिया था। इस बात के सामने आते ही सीहोर में बवाल मच गया है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु मुकेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि शुभम ने प्रवेश तो लिया था, लेकिन वह कभी यूनिवर्सिटी परिसर में नहीं आया। उसकी कोई क्लास, परीक्षा या शैक्षणिक गतिविधि में उपस्थिति दर्ज नहीं हुई। यूनिवर्सिटी ने खुद को मामले से पूरी तरह अलग बताया है और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
22 लाख छात्रों पर असर
इस साल NEET-UG 2026 परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था। पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा है। कई जगहों पर परीक्षा रद्द करने की मांग की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब सीबीआई के हाथ में है। एजेंसियां पूरे रैकेट की गहराई तक जाने की कोशिश कर रही हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि शुभम खैरनार की गिरफ्तारी सिर्फ शुरुआत हो सकती है। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में लगातार लीक की घटनाएं शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। छात्रों का भरोसा डगमगा रहा है।
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