रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के विमतारा हॉल में V-KAN Shine Foundation ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम पर एक निःशुल्क कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में नागरिकों, पत्रकारों, अधिवक्ताओं, आरटीआई कार्यकर्ताओं और जेन-जी युवाओं ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य लोगों को सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी उपयोग और उसकी कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम के आयोजक एवं आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला और अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से आम नागरिकों को आरटीआई कानून का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने का प्रयास किया गया, ताकि वे अपने अधिकारों का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकें।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए पूर्व राज्य सूचना आयुक्त एवं वरिष्ठ पत्रकार धनवेन्द्र जायसवाल ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने आरटीआई आवेदन, प्रथम एवं द्वितीय अपील, शिकायत की प्रक्रिया, अधिनियम की प्रमुख धाराओं तथा जन सूचना अधिकारियों द्वारा लगाए जाने वाले सामान्य आपत्तियों से निपटने के व्यावहारिक उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि आरटीआई के माध्यम से केवल दस्तावेज ही नहीं, बल्कि आवश्यक होने पर सामग्री के नमूने भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जन सूचना अधिकारी सीमांत तिवारी ने आरटीआई अधिनियम की उपयोगिता, आवेदन प्रक्रिया, धारा 6(3), धारा 8, धारा 18 एवं 19 के प्रावधानों के साथ छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचनाओं और उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी प्रतिभागियों को दी।
वरिष्ठ अधिवक्ता शरद प्रकाश यादव ने कहा कि संविधान का मूल भाव “We the People” है और नागरिक ही राज्य के वास्तविक स्वामी हैं। इसलिए शासन की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कानून है।
वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सोनी ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में आरटीआई कानून की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं वरिष्ठ पत्रकार पी.सी. रथ ने आरटीआई आंदोलन के शुरुआती दौर के अनुभव साझा करते हुए इसे स्वतंत्र मीडिया की तरह लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
आरटीआई एक्टिविस्ट अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि आरटीआई केवल भ्रष्टाचार उजागर करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए सरकारी विभागों के राजस्व और परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिल सकती है। उन्होंने कुणाल शुक्ला द्वारा रायपुर नगर निगम में दायर 551 आरटीआई आवेदनों का उदाहरण देते हुए बताया कि इनसे कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे विभाग को राजस्व बढ़ाने में सहायता मिली।
कार्यक्रम के दौरान V-KAN Shine Foundation ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अंकिता शर्मा और नितेश गर्ग को ‘जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड’ से सम्मानित किया। फाउंडेशन की डायरेक्टर प्रीति उपाध्याय शुक्ला ने बताया कि यह सम्मान ज्यूरी की सर्वसम्मति से प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन स्वाति पांडे ने किया, जबकि उचित शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया।









