बस्तर पंडुम के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार, आदिवासी प्रदर्शन की वस्तु नहीं बल्कि उन्हें शिक्षा और रोजगार चाहिए – छविंद्र कर्मा

बस्तर । दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बस्तर पंडुम के आयोजन में कथित वित्तीय अनियमितताओं और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा ने कहा कि बस्तर पंडुम आदिवासी समाज का पारंपरिक सांस्कृतिक पर्व है, किसी सरकार का कार्यक्रम नहीं। यह बस्तर की संस्कृति, परंपरा और पहचान का प्रतीक है लेकिन भाजपा सरकार ने इसे राजनीतिक प्रचार और अपनी छवि चमकाने का माध्यम बना दिया है।

छविंद्र कर्मा ने कहा कि ‘बस्तर के आदिवासी नुमाइश की वस्तु नहीं हैं। सरकार उन्हें दिल्ली, मुंबई या विदेश घुमाए, राष्ट्रपति से मिलवाए, इससे किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन इससे आदिवासी युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा और न ही शिक्षा, स्वास्थ्य तथा विकास से जुड़ी उनकी समस्याओं का समाधान होगा। बस्तर के युवाओं को दिखावा नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, रोजगार और समान अवसर चाहिए।’

उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर पंडुम के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। उनके अनुसार राष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे के दौरान टेंट, कुर्सी, पंडाल तथा अन्य व्यवस्थाओं में करीब 6.14 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता हुई है। कर्मा ने कहा कि यदि यही राशि जनहित के कार्यों में खर्च की जाती तो बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत के साथ-साथ स्थायी सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जा सकता था।

कर्मा ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के नाम पर केवल दिखावटी आयोजन कर रही है, जबकि बस्तर के कई गांव आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उनका कहना था कि बस्तर के लोग सम्मानजनक विकास और आत्मनिर्भरता चाहते हैं, न कि केवल सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रचार।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बस्तर ओलंपिक में ट्रैक सूट खरीदी और तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए जूते खरीदी में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आ चुके हैं। वहीं दूसरी ओर पंचायतों के विकास कार्यों के लिए धन की कमी का हवाला दिया जाता है, जबकि सरकारी आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस ने बस्तर पंडुम के आयोजन में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सरकार से आदिवासी समाज के वास्तविक विकास पर ध्यान देने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए तथा जनता के पैसे का उपयोग केवल जनहित के कार्यों में किया जाना चाहिए।

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