कनक तिवारी ने सरकार-सिस्टम पर किए तीखे वार, सीएम सलाहकार ने कहा- यह दंडनीय…, फिर हट गई पोस्ट!

Kanak Tiwari speech


रायपुर। वरिष्ठ अधिवक्ता, देश के जाने माने संविधान विशेषज्ञ और गांधीवादी कनक तिवारी ने अपने एक भाषण में छत्तीसगढ़ सहित देशभर में सरकार और सिस्टम की जमकर आलोचना की। यह भाषण उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर भी किया।

उनके इस भाषण पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार ने बड़ी आपत्ति की और उन्होंने कनक तिवारी के भाषण को दंडनीय कहा और लानत भेजने जैसे विशेषण का इस्तेमाल किया। उन्होंने कनक तिवारी के लिए यहां तक कहा- “कि आप विद्वान हैं लेकिन अकेले विद्वान नहीं है इस दुनिया के।”

दिलचस्प यह है कि सीएम के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा की इस जवाबी पोस्ट के बाद अब कनक तिवारी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर या भाषण नहीं दिख रहा है।

मौका था 19 दिसंबर को भिलाई में सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज की किताब फांसी यार्ड के विमोचन का। जिसमें कनक तिवारी मुख्‍य वक्‍ता के तौर पर बुलाए गए थे।

दरअसल उन्‍होंने संविधान और संवैधानिक मूल्‍यों पर बात करते हुए सरकार को घेरा था। अपने भाषण में उन्‍होंने कहा कि संविधान की आत्‍मा के खिलाफ फैसले लिए जा रहे हैं। बस्तर में जुल्म हो रहा है। संविधान, सरकार, संसद, न्यायपालिका, चुनाव आयोग, गोदी मीडिया, कार्पोरेट सब मोदी की मुठ्ठी में है। जो माफी मांगता है उसकी मूर्ति अंडमान में लग रही है। मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाया जा रहा है। इतिहास को विकृत किया जा रहा है। साथ ही उन्‍होंने यह भी दोहराया कि वो अडानी के खिलाफ लिखते रहेंगे।

वीडियो वायरल होने के बाद अब छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री विष्‍णु देव साय के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने एक पोस्‍ट किया। जिसमें उन्‍होंने कनक तिवारी की कही गई बात को झूठ करार दिया।

कनक तिवारी के भाषण को सीएम साय से जोड़ते हुए पंकज झा ने पोस्‍ट में लिखा-“आप मुख्यमंत्रीजी के विरुद्ध जो विषवमन कर रहे हैं, उसके लिए आपको लानत भेजना मेरा दायित्व भी है। आप बार-बार झूठ बोल रहे हैं, अपने झूठ को बार-बार दुहरा भी रहे हैं।“

उन्‍होंने यह भी कहा कि “कनक तिवारी का भाषण संवैधानिक दायरे से बाहर और दंडित किए जाने जैसा है।“ पोस्‍ट में पंकज झा ने यह भी जोड़ा है – “कनक तिवारी का किसी ने कर्ज नहीं खाया है। न ही किसी शासकीय-अशासकीय निर्णय के लिए आपसे किसी को अनापत्ति का प्रमाण पत्र चाहिए। होंगे आप कबीर कथित तौर पर। पर यहां लोग ‘कमाल’ हैं। आत्ममंथन और आत्मचिंतन कीजिए कनकजी।“

पंकज कुमार झा की इस पोस्‍ट के बाद से कनक तिवारी की फेसबुक वाल पर उनका भाषण दिखाई नहीं दे रहा है। द लेंस ने इस बारे में उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया, लेकिन फोन न उठ पाने के कारण उनसे बात नहीं हो पाई। 

गौर करने वाली यह भी कि पंकज कुमार झा ने कुछ दिन पहले ही कनक तिवारी से दुर्ग में उनके घर जाकर मुलाकात की थी। जिसकी फोटो भी उन्‍होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट की थी।

गौरतलब है कि कनक तिवारी देश के जाने माने संविधान विशेषज्ञों में शुमार हैं। विचारक, चिंतक और लेखक के रूप में भी पहचाने जाते हैं। ज्वलंत मुद्दों पर वे लेख लिखते रहते हैं। अविभाजित मध्य प्रदेश में एमपी गृह निर्माण मंडल के चेयरमैन रह चुके हैं और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के महाधिवक्ता भी रह चुके हैं। वह संविधान से लेकर साहित्‍य तक के कार्यक्रमों में शिरकत करते हैं।

लेकिन अब इस ताजा मामले पर पंकज झा की पोस्‍ट के बाद से चर्चाएं गर्म हैं।

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