International Migrants Day: अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस, प्रवासी भेजने वालों में भारत विश्व में नंबर वन

December 18, 2025 12:58 PM

International Migrants Day: हर साल 18 दिसंबर को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद प्रवासियों के योगदान को सम्मान देना और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करना है। आज की दुनिया में बेहतर नौकरी, शिक्षा, सुरक्षा और जीवन स्तर की तलाश में लोग अपने देश छोड़कर दूसरे देशों में बस रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2024 में दुनिया में करीब 30.4 करोड़ लोग ऐसे हैं जो अपने जन्म देश से बाहर रह रहे हैं। इनमें कई लोग मजबूरी में विस्थापित भी होते हैं और रोज नई मुश्किलों का सामना करते हैं।

सबसे ज्यादा प्रवासी भेजने वाले देशों में भारत नंबर एक

संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी भेजने वाला देश है। करीब 1.85 करोड़ भारतीय विदेशों में रह रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण भारतीय पेशेवरों, छात्रों और कुशल मजदूरों की वैश्विक मांग है। दूसरे नंबर पर चीन (1.17 करोड़), तीसरे पर मेक्सिको (1.16 करोड़), चौथे पर यूक्रेन और पांचवें पर रूस है। अन्य प्रमुख देशों में बांग्लादेश, फिलीपींस और पाकिस्तान भी शामिल हैं। लोग मुख्य रूप से आर्थिक अवसरों, उच्च शिक्षा और बेहतर जीवन की तलाश में विदेश जाते हैं।

भारत में नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या बढ़ी

भारत से प्रवासन की एक और बड़ी वजह विदेशी नागरिकता लेना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल औसतन 2 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिकता त्याग रहे हैं। 2022 में रिकॉर्ड 2.25 लाख, 2023 में 2.16 लाख और 2024 में 2.06 लाख लोगों ने भारतीय नागरिकता छोड़ी। पिछले कुछ वर्षों में कुल 10 लाख से ज्यादा लोग ऐसा कर चुके हैं। मुख्य कारण बेहतर वेतन, शिक्षा, रिसर्च अवसर और उच्च जीवन स्तर हैं। कई लोग विदेश में स्थायी बसावट के लिए यह कदम उठाते हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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