जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में शामिल होने पर भाजयुमो मंडल अध्यक्ष पद से हटाई गईं मणिका राणा

नई दिल्ली। दिल्ली के Jantar Mantar पर हुए छात्र आंदोलन में शामिल होना भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई टिहरी मंडल अध्यक्ष (Manika Rana) को भारी पड़ गया। पार्टी ने उन्हें मंडल अध्यक्ष पद से हटा दिया है। आरोप है कि उन्होंने आंदोलन में भाग लेने के साथ ही वहां से रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसे पार्टी ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि माना।

भाजयुमो के टिहरी जिलाध्यक्ष मनीष राणा ने आदेश जारी कर मणिका राणा को मंडल अध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया। उनके स्थान पर शुभम नेगी को नई टिहरी मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश में मणिका पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों में उदासीनता का आरोप लगाया गया है।

पहले एबीवीपी, फिर भाजयुमो से जुड़ीं

मणिका राणा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी। वर्ष 2022 से वह एबीवीपी में प्रदेश स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रही थीं। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा का दामन थामा और उन्हें नई टिहरी विधानसभा क्षेत्र में मंडल अध्यक्ष बनाया गया।

आंदोलन में शामिल होने पर दी सफाई

पद से हटाए जाने के बाद मणिका राणा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि वह जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में पूरी सक्रियता से शामिल हुई थीं। उनका उद्देश्य उन परिवारों की आवाज उठाना था, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है।

मणिका ने कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांगें पूरी होना लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने देर से ही सही, लेकिन सही फैसला लिया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संगठन या पद से ऊपर उनके लिए सत्य का साथ देना सबसे महत्वपूर्ण है। अगर इसके लिए उन्हें कोई पद छोड़ना पड़े, तो भी उन्हें इसका कोई अफसोस नहीं है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड की राजनीति में मणिका राणा को पद से हटाने का फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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