संसद पेपर लीक पर गर्म थी तभी गुजरात में BAMS के 12 में 11 सवाल वॉट्सऐप पर वायरल थे !

अहमदाबाद। जिस वक्त देश की संसद (Paper leak) मामले पर गर्म थी उसी वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य (Gujarat) में ही पेपर लीक का एक बड़ा मामला सामने आया है।

लीक की प्रारंभिक जांच में ही गुजरात के जामनगर स्थित गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में BAMS तृतीय वर्ष की परीक्षा से ठीक पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए 12 सवालों में से 11 सवाल असली प्रश्नपत्र से हूबहू मिल गए। इस घटना के सामने आने के बाद हंगामा मचा और यूनिवर्सिटी प्रशासन को जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करनी पड़ी।

20 जुलाई को BAMS तृतीय व्यावसायिक वर्ष के एम.एस. (शल्य तंत्र-1) विषय की परीक्षा राज्यभर के 26 कॉलेजों के करीब 1,200 विद्यार्थियों ने दी। परीक्षा नियंत्रक एच.पी. झाला के मुताबिक, सुबह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से तय समय पर संपन्न हुई। लेकिन शाम को मोबाइल फोन के ज़रिए सूचना मिली कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक और प्रश्न वाटसऐप पर वायरल हो रहे थे।

इस खबर से हंगामा मच गया ।इधर सूचना मिलते ही कुलपति ने आपात बैठक बुलाई और पूरे मामले की जांच के लिए विशेष समिति बना दी गई। समिति वायरल संदेशों, प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज़ों की जांच कर अपनी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंपेगी। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है, लेकिन जांच में किसी की संलिप्तता पाए जाने पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विश्विद्यालय सूत्रों के मुताबिक यूनिवर्सिटी से जुड़े अन्य विषयों की परीक्षाएं तय शेड्यूल के मुताबिक जारी हैं।

इधर पेपर लीक की इस आशंका के बाद विपक्षी राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक के पीछे सरकार की मिलीभगत है और भाजपा शासित राज्यों में यह सिलसिला सबसे ज़्यादा है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा शासन में गुजरात देश में पेपर लीक का केंद्र बन गया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया कि 2014 से 2024 के बीच गुजरात में 34 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं।
यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है जब देशभर में NEET-UG पेपर लीक को लेकर घमासान पहले से जारी है और लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा चल रही है। गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान में भी परीक्षा से पहले सवाल वायरल होने के आरोपों ने राज्य की समूची परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं ।अगर पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो न सिर्फ परीक्षा रद्द होने का खतरा बढ़ेगा बल्कि हज़ारों विद्यार्थियों का शैक्षणिक कैलेंडर भी प्रभावित हो सकता है।

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