नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी, तो पार्टी एक बार फिर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
सोमवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार ने आंदोलन स्थगित कराने के दौरान हुए समझौते का पालन नहीं किया। उनका कहना है कि बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सरकार के इस आश्वासन पर आंदोलन रोका था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल ने घोषणा की कि वह CJP को कानूनी लड़ाई के लिए एक करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों और आंदोलनकारियों को कानूनी सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
सिब्बल ने कहा कि यह एक स्वाभाविक और व्यापक छात्र आंदोलन था, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने देशभर के वकीलों से भी अपील की कि वे आगे आकर आंदोलन से जुड़े छात्रों को कानूनी सहायता प्रदान करें। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फंड के इस्तेमाल में उनकी कोई भूमिका नहीं होगी।
CJP नेता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने मंगलवार तक प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का आदेश जारी करने का भरोसा दिया था। यदि तय समय तक आदेश जारी नहीं होता है तो पार्टी फिर से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
पुलिस कार्रवाई के सबूत जुटाने के लिए लॉन्च किया पोर्टल
सौरव दास ने बताया कि CJP ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कथित कार्रवाई से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य सबूत जुटाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्र इस पोर्टल पर अपने दस्तावेज और वीडियो अपलोड कर सकते हैं। इन सबूतों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य राज्यों में भी कार्रवाई का आरोप
CJP का दावा है कि असम, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आंदोलन का समर्थन करने वाले छात्रों पर भी एफआईआर दर्ज की जा रही है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है, तो यह देशभर के लाखों युवाओं के विश्वास के साथ विश्वासघात होगा। फिलहाल CJP ने मंगलवार तक सरकार के फैसले का इंतजार करने की बात कही है, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।











