रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी प्रक्रिया पर कांग्रेस ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दस्तावेज़ों और बूथ-स्तरीय आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस ने मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी, संदिग्ध जोड़–घटाव की ओर इशारा किया है।
कांग्रेस का आरोप है कि SIR के नाम पर वोटर लिस्ट से चुनिंदा वर्गों के नाम काटे जा रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में अस्पष्ट पते, शून्य (0) लिखे मकान नंबर और धार्मिक/सार्वजनिक स्थलों के नाम पर दर्ज मतदाता सूची में बनाए रखे गए हैं।
राजधानी रायपुर के राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर मतदाता शुद्धिकरण नहीं, बल्कि ‘वोटर कटिंग’ की जा रही है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने रायपुर शहर के एक बूथ के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के नाम काटने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के 7 बूथ लेवल एजेंट की आपत्ति के बाद चुनाव आयोग ने कांग्रेस के उस बीएलए का नाम परमानेंट शिफ्ट में जोड़ दिया, जिसने अपने उस बूथ में होने के सभी दस्तावेज पेश किए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस उस बीएलए को लेकर भी आई थी।
कांग्रेस के रायपुर लोकसभा के प्रभारी शैलेष नितिन त्रिवेदी ने एसआईआर को लेकर भाजपा और सरकारों पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार और भाजपा चुनाव आयोग के साथ मतदाता चुनने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘पहले मतदाता सरकार चुनते थे। अब सरकार मतदाता चुन रही है।’
रायपुर शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने बताया कि गरीब, मजदूर और किरायेदार वर्ग के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जबकि फैक्ट्री इलाकों में वर्षों से रह रहे किरायेदार सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हुए भी मतदाता सूची से बाहर किए जा रहे हैं।
कांग्रेस और स्थानीय प्रतिनिधियों ने मांग की है कि बूथों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए। अस्पष्ट/असामान्य पते वाली सभी एंट्री का भौतिक सत्यापन हो। कटे नामों की सूची और कारण सार्वजनिक किए जाएं। नोटिस पाए 4,600 मतदाताओं को पर्याप्त समय और पारदर्शी प्रक्रिया दी जाए।
बिरगांव नगर निगम के पार्षद ने बताया कि बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में कुल 123 बूथ बनाए गए हैं (पहले 91 थे)। 40 वार्डों वाले इस क्षेत्र में 29,211 मकान दर्ज हैं। 2023 विधानसभा चुनाव में यहां करीब 95,000 मतदाता थे। औसतन एक घर में 3–4 वोट।
SIR के बाद जारी सूची में छोटे-छोटे बूथ बनाकर करीब 38,000 नाम काटे जाने का दावा किया जा रहा है। वर्तमान सूची में 57,018 मतदाता बताए गए हैं, जबकि 4,600 मतदाताओं को नोटिस भी जारी होने की बात सामने आई है।
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