योगी का बुलडोजर मॉडल के जरिए सुशासन बाबू बनने की राह पर सम्राट चौधरी

December 27, 2025 2:00 PM
Bihar Police

बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनी है। लेकिन यह नई सरकार बीते करीब 19 साल की नीतीश सरकार से बिल्कुल अलग है। ऐसा पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास गृह विभाग नहीं है। बिहार में पहली बार सम्राट चौधरी को गृह विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

आमतौर पर देश के अधिकांश राज्यों में गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। उनके पास गृह विभाग आते ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से बुलडोजर एक्शन की खबरें सामने आ रही हैं। नई सरकार बनने के साथ ही पूरे प्रदेश का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल तेजी से बदलता दिख रहा है।

सरकार कानून-व्यवस्था और अतिक्रमण के मुद्दों पर जिस रफ्तार से काम कर रही है, उसने लोगों में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिहार भी अब यूपी की राह पर चल पड़ा है? सोशल मीडिया पर तो लोग इसे ‘बिहार का बुलडोजर मॉडल’ कहने लगे हैं।

सरकारी आदेश के मुताबिक अवैध अतिक्रमण और सरकारी जमीन पर कब्जा करके बैठे लोगों के घर और दुकानों को गिराया जा रहा है। पिछले 10 दिनों में करीब पचास से ज्यादा जगहों पर अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम चल रही है। इस अभियान के तहत सबसे पहले रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अस्पतालों के आसपास अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। क्योंकि इन्हीं जगहों पर सबसे ज्यादा जाम लगता है।

वहीं सत्ताधारी पार्टी के ही कई स्थानीय नेता और आम जनता के मुताबिक सरकार खबरों में रहने के लिए गरीब लोगों के साथ ऐसा कर रही है। कई जगहों पर पुलिस और आम जनता के बीच संघर्ष भी देखने को मिला है।

सीतामढ़ी जिले के परिहार विधानसभा क्षेत्र में भी प्रशासन ने अतिक्रमण पर कार्रवाई की, जिसके बाद इस कार्रवाई से आहत एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता का रोते-बिलखते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित का दावा है कि वह भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता और महामंत्री रह चुका है, इसके बावजूद बिना किसी पूर्व नोटिस के उसका घर बुलडोजर से ढहा दिया गया।

50 पासवान जाति के लोगों का घर को तोड़ने का आदेश।

सुपौल जिला के पिपरा प्रखंड स्थित पथरा गांव में 50 पासवान जाति के लोगों के घर को सुपौल न्यायालय के द्वारा तोड़ने का आदेश दिया गया है। जिसमें अंचल पदाधिकारी पिपरा ने जज साहब को कार्यालय के माध्यम से अवगत कराया है। एनडीए से जुड़े अनंत कुमार भारती बताते हैं कि,”यह जमीन बिहार सरकार की नहीं है। यह सब जमीन हिंद केसरी की है, इसको हम नहीं तोड़ सकते उसके बावजूद भी आदेश पारित किया गया है कि तोड़ना पड़ेगा। हमारा पूरा समाज किसी भी कीमत पर घर को तोड़ने नहीं देगा।”

सुपौल के सिमराही के वार्ड संख्या 3 में वीरपुर न्यायालय के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से अवैध घर तोड़े गए। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया. पुलिस पर पथराव हुआ तो स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।

पत्रकार विवेकानंद सिंह कुशवाहा इस मुद्दे पर लिखते हैं कि, ”अतिक्रमण का हटना जरूरी काम है, लेकिन कमजोर लोगों पर बुल्डोजर चलाना बहुत आसान होता है, क्योंकि कोर्ट में भी वे अपना पक्ष रख पाने की स्थिति में नहीं होते। मजबूत लोग दाएं-बाएं करके बच निकलते हैं। ऐसे में बुलडोजर अभियान चलाने के साथ सरकार इस बात का भी ध्यान रखे कि अतिक्रमण कर रोजी-रोटी कमा रहे रेहड़ी-ठेला वाले या घर में आश्रय लिए लोग आपके ही राज्य के वासी हैं।”

पत्रकार विवेकानंद सिंह कुशवाहा इस मुद्दे पर लिखते हैं कि, ”अतिक्रमण का हटना जरूरी काम है, लेकिन कमजोर लोगों पर बुल्डोजर चलाना बहुत आसान होता है, क्योंकि कोर्ट में भी वे अपना पक्ष रख पाने की स्थिति में नहीं होते। मजबूत लोग दाएं-बाएं करके बच निकलते हैं। ऐसे में बुलडोजर अभियान चलाने के साथ सरकार इस बात का भी ध्यान रखे कि अतिक्रमण कर रोजी-रोटी कमा रहे रेहड़ी-ठेला वाले या घर में आश्रय लिए लोग आपके ही राज्य के वासी हैं।”

राज्य में चल रहे बुलडोजर अभियान को लेकर विपक्ष का आरोप है कि गरीबों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताया है। विपक्ष का कहना है कि प्रशासन चुनिंदा इलाकों में ही सख्ती दिखा रहा है और मानवीय पहलुओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

मंत्री विजय चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में चल रही बुलडोजर कार्रवाई सरकार के आदेश पर नहीं, बल्कि न्यायालय के निर्देश पर की जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कोर्ट इस पर क्या रुख अपनाता है और इससे राज्य की सियासत किस दिशा में जाती है।

सुशासन कहां पहुंचा?

गृह मंत्री सम्राट चौधरी।

25 दिसंबर 2025 को सम्राट चौधरी ने बयान दिया कि अपराधी तो भाग ही रहे हैं और जो बचे हुए हैं उन सबको 3 महीने में भगा दूंगा, अपराधी को ठीक करना, कचरा साफ करना और सफाई अभियान चलाना मेरे पास अभी यही एक काम है, बाकी का काम तो करता ही हूं। बिहार को भी सुशासन चाहिए। इसके लिए अपराधियों को बिहार से भागना जरूरी है, यही मेरा काम है। मैं बिहार से अपराधियों को पूरी तरह भगाकर ही दम लूंगा।

सम्राट चौधरी का यह बयान बिहार की धरातल पर कितना काम कर रहा है? इस बयान के कुछ घंटे बाद समस्तीपुर में बीजेपी नेता के परिवार पर हमला हो गया। 15 दिसंबर 2025 को बिहार के गया जिले में दिनदहाड़े गोली चलाने की घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। स्थानीय अखबार के मुताबिक प्रतिदिन गोलीकांड की घटना बिहार में घट रही है।

सुपौल जिला स्थित ललमनिया पंचायत के वार्ड 17 स्थित लालपुर में जागेश्वर मंडल की बहन रंजू कुमारी की 4 दिसंबर को गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद जागेश्वर मंडल का परिवार पूरी तरह टूट चुका था। कातिलों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों के साथ वह 15 दिसंबर को मरौना के नदी थाना गया था। रात में पुलिस पहुंची और उसे उठाकर ले गई। पुलिस ने जागेश्वर को इतना पीटा है कि आज वह अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रहा है। वह अनुमंडलीय अस्पताल निर्मली में भर्ती है।

जिसके बाद उसके गांव के लोग पुलिस के विरोध में सड़क जाम कर दिए। सड़क जाम करने के दौरान जब पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने पुलिसकर्मी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। लोग पुलिस वालों से नाम पूछ रहे थे और उन्हें पीट रहे थे। इस गांव के रहने वाले सुनील कुमार बताते हैं कि, “हत्या हुए 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो मामले का खुलासा हो सका है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।”

सम्राट चौधरी बन पाएंगे सुशासन बाबू?

नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा समेत राज्य की सभी नदियों में अवैध बालू खनन रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है। इसके अलावा भू-माफिया पर कार्रवाई की लिस्ट तैयार हो चुकी है। शराबबंदी कानून के तहत शराब तस्करों के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा है। सरकार का मकसद साफ है अवैध कारोबार पर पूरी तरह नकेल कसना। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभियान नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी की छवि मजबूत करने और सरकार की प्रभावी कार्यशैली का संदेश देने के लिए बेहद अहम है।

बिहार के वरिष्ठ पत्रकारों में शामिल मनोज पाठक अब किसी बड़े नेता के लिए काम करते हैं। वह बताते हैं कि,”सम्राट चौधरी 2005 वाला नीतीश कुमार बनना चाहते हैं। सुशासन बाबू के नाम से चर्चित नीतीश कुमार ने 2005 के बाद जिस तरह से अपराध पर नकेल कसी, फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए, पुलिस को खुली छूट दी, और गृह मंत्रालय को खुद संभाल कर हर बड़े केस में सीधे दखल दिया, उसने लोगों के मन में यह भरोसा बैठा दिया कि अगर कोई नेता कानून-व्यवस्था संभाल सकता है तो वह नीतीश कुमार है।

राज्य के सभी जातियों और सभी क्षेत्रों के गुंडे जेल में बंद हो चुके थे। नीतीश के दौर में पुलिस कार्रवाई पर किसी तरह का पर्दा नहीं डाला जाता था। अब सम्राट चौधरी उसी महकमे के मुखिया हैं। उनके सामने सीधी चुनौती है कि वे इस मानक को कैसे बनाए रखते हैं।”

पत्रकार और लेखक प्रिंस सिंह राजपूत बताते हैं कि,” बिहार में कोई बड़ा अपराध होगा, जनता का पहला सवाल होगा कि ‘अगर नीतीश होते तो…? हालांकि पिछले कुछ वर्षों से बिहार में भी जंगलराज की स्थिति है। ऐसे में सम्राट चौधरी के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी। जब नीतीश कुमार ने ‘जंगलराज’ के खिलाफ लड़ाई शुरू की, तब सोशल मीडिया का दबाव नहीं था। आज हर घटना, हर लाठीचार्ज, हर अपराध, हर गिरफ्तारी तुरंत वायरल हो जाती है।”

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