‘अंग्रेजों के जमाने के जेलर’ नहीं रहे, 84 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन

मुंबई। हिंदी सिनेमा हास्य के बादशाह और ‘शोले’ के अमर जेलर गोवर्धन असरानी उर्फ असरानी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया। सोमवार दोपहर मुंबई के आरोग्य निधि हॉस्पिटल में 84 वर्षीय असरानी ने अंतिम सांस ली।

असरानी के निधन की खबर ने पूरे बॉलीवुड और प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है। निधन के कुछ घंटों बाद ही उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज स्थित शांतिनगर श्मशान में कर दिया गया।

असरानी पिछले चार-पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। फेफड़ों में पानी भरने और गंभीर बीमारी के कारण उनकी हालत बिगड़ गई थी।

1 अप्रैल 1941 को गुजरात में जन्मे असरानी ने 1961 में फिल्म ‘नई उम्र की नई फसल’ से डेब्यू किया था। 1975 में आई ‘शोले’ में जेलर का किरदार निभाकर वे घर-घर मशहूर हो गए। उनका डायलॉग ‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं’, आज भी दर्शकों की जुबान पर है।

उनके करियर में लगभग 350 से अधिक फिल्में हैं, जिनमें ‘चुपके चुपके’ (1975), ‘छोटी सी बात’ (1976), ‘अभिमान’ (1973), ‘भूल भुलैया’ (2007) जैसी कालजयी रचनाएं शामिल हैं। उन्होंने कई अवॉर्ड्स भी जीते, जिसमें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ कॉमेडी एक्टर अवॉर्ड प्रमुख है।

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