चिन्मयी श्रीपदा ने कमल हासन के पोस्ट पर उठाए सवाल, लिखा ‘पुरुष कभी महिलाओं के साथ नहीं खड़े होते’

March 16, 2026 1:50 PM

तमिल साहित्य में बड़ा नाम रहे गीतकार और कवि वैरमुथु को भारत के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजे जाने की घोषणा के बाद विवाद खड़ा हो गया है। प्रसिद्ध सिंगर चिन्मयी श्रीपदा Chinmayi Sripada ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है और अभिनेता-नेता कमल हासन से सवाल किया है कि उन्होंने वैरमुथु की बधाई क्यों दी।

2018 के #MeToo आंदोलन के दौरान चिन्मयी श्रीपदा ने वैरमुथु पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, उन्होंने कहा था कि उन पर अलग-अलग उम्र की कई महिलाओं ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। चिन्मयी ने वैरमुथु की तुलना हॉलीवुड के विवादित निर्माता हार्वे वेनस्टीन से भी की थी।अब जब वैरमुथु को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने की खबर आई, तो चिन्मयी ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट लिखे। उन्होंने लिखा ‘2018 में अलग-अलग उम्र की कई महिलाओं ने एक ही कवि-गीतकार को अपना उत्पीड़क बताया था। आज उसी व्यक्ति को ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया गया है। श्री जयकांतन की बेटी ने भी वैरमुथु को बेनकाब किया था, जब उन्होंने जयकांतन की ‘सराहना’ करते हुए एक फर्जी पत्र पेश किया था।’

चिन्मयी ने एक और उदाहरण दिया ‘केरल की एक समिति ने उन्हें ओएनवी कुरुप पुरस्कार के लिए चुना था, लेकिन बाद में पुरस्कार लौटा दिया गया क्योंकि समाज में न्याय की आवाजें उठीं और ओएनवी कुरुप के नाम को कलंकित होने से बचाया गया।’ उन्होंने अपनी पीड़ा भी साझा की ‘मैंने इसकी बहुत भारी कीमत चुकाई। बाकी महिलाएं, जिन्होंने अपने सपनों को पीछे छोड़ दिया, उतनी भाग्यशाली नहीं थीं जितनी मैं थी।’

कमल हासन पर तीखा हमला

कमल हासन ने वैरमुथु को बधाई देते हुए उन्हें अपना “मार्गदर्शक” बताया था। इस पर चिन्मयी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा ‘सिनेमा में इतनी ताकत रखने वाले पुरुष जब राजनीति में आते हैं, तो उन महिलाओं की आवाज को पूरी तरह अनसुना कर देते हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड पर आकर कहा कि ‘उनके अंकल-मार्गदर्शक’ ने उन्हें उत्पीड़ित किया। महिलाओं को याद रखना चाहिए पुरुष कभी हमारे पक्ष में नहीं होंगे। सबसे अजीब बात कि उनकी अपनी पार्टी की एक महिला ने भी सार्वजनिक रूप से कवि का नाम लिया था। आखिर में, पुरुष अपने भाइयों, अंकल, पिता, दोस्तों, मार्गदर्शकों के साथ ही खड़े रहेंगे। किसे फर्क पड़ता है कि कई महिलाएं मानसिक रूप से परेशान हुईं?’

कौन हैं वैरमुथु

वैरमुथु तमिल साहित्य और सिनेमा के बड़े नाम हैं। उन्होंने 1972 में अपनी पहली कविता संग्रह से शुरुआत की और अब तक 40 से ज्यादा किताबें लिखी हैं। वे तमिल भाषा के तीसरे ज्ञानपीठ विजेता हैं। पुरस्कार उनके कविता, उपन्यास और फिल्म गीतों के योगदान के लिए दिया गया है।यह विवाद #MeToo के बाद महिलाओं की आवाज, साहित्यिक सम्मान और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ रहा है। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है और तमिल फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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