रणवीर सिंह को 3 बार भेजा गया नोटिस,फिर भी नहीं हुए पेश, फरहान अख्तर का करा दिया 45 करोड़ का नुकसान, इंडस्ट्री ने किया बैन

लेंस डेस्क। बॉलीवुड में एक बार फिर बड़ा विवाद छिड़ गया है। एक्टर Ranveer Singh और फिल्ममेकर फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच ‘डॉन 3’ फिल्म को लेकर तकरार अब बहुत गंभीर हो गई है। फरहान अख्तर की कंपनी ने रणवीर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फिल्म छोड़ने से प्रोडक्शन को करीब 45 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।

क्या है पूरा मामला?

करीब दो साल पहले फरहान अख्तर ने घोषणा की थी कि रणवीर सिंह ‘डॉन 3’ में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान की विरासतको आगे बढ़ाते हुए डॉन का रोल करेंगे। फिल्म की घोषणा के बाद लंबे समय तक कोई अपडेट नहीं आया फिर अचानक खबर आई कि रणवीर सिंह इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गए हैं। एक्सेल एंटरटेनमेंट का कहना है कि शूटिंग शुरू होने से सिर्फ तीन हफ्ते पहले रणवीर के फिल्म छोड़ने के फैसले से उन्हें भारी नुकसान हुआ। कंपनी ने होटल बुकिंग, शूटिंग लोकेशन्स और 200 लोगों की फ्लाइट बुकिंग कर ली थी। इन खर्चों की भरपाई के लिए कंपनी ने रणवीर सिंह से 45 करोड़ रुपये हर्जाने के रूप में मांगे हैं।

FWICE का सख्त एक्शन

जब रणवीर सिंह ने यह रकम देने से इनकार कर दिया तो मामला फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) पहुंच गया। FWICE एशिया की सबसे बड़ी फिल्म वर्कर्स की संस्था है जिसमें करीब 4-5 लाख सदस्य हैं। FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन निर्देश’ (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया। इसका मतलब है कि जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता, federation से जुड़े वर्कर्स जैसे स्पॉट बॉय, मेकअप आर्टिस्ट, टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट आदि रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे। रणवीर सिंह को तीन बार अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए।

रणवीर सिंह की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है। उनके प्रवक्ता ने कहा ‘रणवीर सिंह डॉन फ्रैंचाइजी और इससे जुड़े हर व्यक्ति का सम्मान करते हैं। वे प्रोफेशनल मुद्दों को निजी गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ सुलझाना बेहतर समझते हैं। इसलिए उन्होंने चुप रहना ही उचित समझा।’

FWICE बैन का असर क्या होगा ?

यह कोई सरकारी या कानूनी बैन नहीं है। रणवीर सिंह फिल्में साइन तो कर सकते हैं लेकिन व्यावहारिक रूप से भारत में शूटिंग करना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि इंडस्ट्री के 90% वर्कर्स FWICE से जुड़े हैं। उनकी आने वाली फिल्मों जैसे आदित्य धर के साथ मेगा प्रोजेक्ट, कियारा आडवाणी के साथ फिल्म और संजय लीला भंसाली की ‘बैजू बावरा’ पर असर पड़ सकता है।

सवाल उठ रहे हैं और सोशल मीडिया पर लोग चर्चा कर रहे हैं कि क्या बड़ा स्टार होने के बावजूद रणवीर को इंडस्ट्री के नियमों का पालन करना चाहिए या नहीं। कई लोग कह रहे हैं कि प्रोड्यूसर्स को भी प्री-प्रोडक्शन में इतना खर्च करने से पहले लिखित एग्रीमेंट पक्का करना चाहिए था। FWICE का कहना है कि कोई भी superstar हो, उसे इंडस्ट्री के काम करने के तरीके का सम्मान करना होगा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। अगर जल्दी समझौता नहीं हुआ तो रणवीर सिंह के कई प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो सकते हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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