Ghooskhor Pandat Movie Controversy: मनोज बाजपेयी अभिनीत आगामी नेटफ्लिक्स फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टाइटल विवादों में घिर गया है। फिल्म के नाम को लेकर ब्राह्मण समाज और विभिन्न संगठनों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और कई जगह FIR भी दर्ज की गईं। भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय संगठन सचिव अतुल मिश्रा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने PIL दायर कर आरोप लगाया कि फिल्म का टाइटल और कहानी जाति-धर्म आधारित स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देती है, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को खतरा है।
फिल्म में मनोज बाजपेयी के अलावा नुसरत भरुचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता जैसे कलाकार हैं और यह ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी। आज सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर नीरज पांडे को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्जल भुयान की बेंच ने कहा कि ऐसे टाइटल से समाज के एक हिस्से को बदनाम नहीं किया जा सकता, यह नैतिकता और पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ है।
कोर्ट ने साफ कहा ‘जब तक आप नया टाइटल नहीं बताते, हम फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे।’ बेंच ने केंद्र सरकार, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) और नीरज पांडे को नोटिस जारी किया। साथ ही निर्देश दिया कि नीरज पांडे एक एफिडेविट दाखिल करें जिसमें स्पष्ट करें कि फिल्म किसी भी वर्ग का अपमान नहीं करती। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। विवाद के बाद मेकर्स ने नाम बदलने पर सहमति जताई है, लेकिन कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए रिलीज पर अस्थायी रोक लगा दी है।











