नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर मंतर में प्रदर्शन के बाद दो छात्रों को गाली देने और मारपीट करने वाले Satyam Pandit को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सत्यम पंडित ने खुद ही वीडियो बनाया था और वायरल कराया था।
दरअसल, जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चले हालिया प्रदर्शन के संदर्भ में, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों युवा जुटे थे।
25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बाद CJP ने अपना 36-दिवसीय आंदोलन समाप्त घोषित कर दिया। प्रदर्शन स्थल खाली कराया गया और समर्थकों से घर लौटने की अपील की गई।
सरकार ने आश्वासन दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई प्रतिशोधपूर्ण कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, आंदोलन समाप्त होने के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें CJP से जुड़े युवाओं के साथ टकराव, धमकियां और हमलों के आरोप लगाए गए।
पोस्ट आंदोलन सबसे चर्चित घटना राइट-विंग कार्यकर्ता सत्यम पंडित नाम के व्यक्ति से जुड़ी है जो राष्ट्र हिंदू वीर सेना का अध्यक्ष और गाजियाबाद निवासी है।
वायरल क्लिप में वे दो युवाओं बरेली से आए आयुष रंजन और राहुल पाल, जो प्रदर्शन में शामिल हुए थे को रोककर नाम, धर्म और पते पूछते नजर आते हैं। इसके बाद एक को कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारते और माफी मांगने के लिए मजबूर करते दिखाया गया।
पंडित ने खुद वीडियो शेयर कर दावा किया कि प्रदर्शन में राम और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगे थे, इसलिए उन्होंने इलाज किया। उन्होंने पछतावा न होने और गर्व की बात कही।
दिल्ली पुलिस ने इस वीडियो की प्रामाणिकता जांचने की बात कही, लेकिन औपचारिक शिकायत के अभाव में FIR दर्ज नहीं हुई थी। AAP ने संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
विपक्षी अखिलेश यादव समेत विपक्षी ने इसकी निंदा की। पंडित के खिलाफ पहले से हमला, उग्र भाषण आदि के मामले के मुकदमे दर्ज हैं।अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
कनॉट प्लेस क्षेत्र से भी कुछ और क्लिप सामने आए। एक में माइक लिए व्यक्ति एक युवक को गर्दन से पकड़कर एंटी-मोदी टिप्पणियों को लेकर गाली-गलौज करता और माफी मांगता दिखता है।
यह वीडियो भाजपा दिल्ली प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने शेयर किया। दूसरे क्लिप में एक व्यक्ति को पीछा कर घूंसे-लात मारते दिखाया गया।
युवा कांग्रेस ने इन्हें ‘BJP-backed goons’ द्वारा डराने की कोशिश बताया। कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने प्रदर्शन में शामिल लड़कियों की तस्वीरें शेयर कर ढूंढो और पड़ोसियों को बताओ जैसे कॉल दिए।
CJP ने पहले भी आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान BJP द्वारा बाहर से गुंडे भेजे गए, लेकिन पुलिस ने हिंसा का मुख्य कारण प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव और हमले बताया। निहंगों से भी छोटी झड़पें हुईं।ये घटनाएं ऑनलाइन विवाद का विषय बनीं।
समर्थक इन्हें ‘प्रदर्शन की सजा’ बताते हैं, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।
दिल्ली पुलिस ने फेसियल रिकग्निशन से कुछ प्रदर्शनकारियों की पहचान की, लेकिन सरकार के आश्वासन के बावजूद अलग-अलग राज्यों में FIR रद्द करने या न करने को लेकर चर्चा चल रही है।








