रायपुर। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने के मामले में भीम आर्मी (Bhim Army)के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। 4 नवंबर को OCM चौक के पास मुख्य सड़क जाम करने से घंटों ट्रैफिक ठप रहा। एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं।
भीम आर्मी के करीब 100 से 150 कार्यकर्ता पुलिस भर्ती उम्मीदवारों की मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकाल रहे थे। वे OCM चौक पहुंचे और मुख्य सड़क पर बैठ गए। नारेबाजी शुरू हो गई। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आम लोगों को काफी परेशानी हुई।
पुलिस ने लाउडस्पीकर से समझाया और नवा रायपुर के तूता स्थित निर्धारित धरना स्थल पर जाने को कहा। लेकिन कार्यकर्ता सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
कोतवाली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। नामजद आरोपियों में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद, जिला अध्यक्ष देवेंद्र मैरिसा और युवराज ढीढी शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि सड़क जाम के मामले में आगे कानूनी कार्रवाई चल रही है। प्रदर्शन के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।
विवाद की वजह क्या है?
छत्तीसगढ़ में 5,967 आरक्षक पदों की भर्ती 2023-24 में शुरू हुई थी। रिजल्ट और चयन सूची आने के बाद दो मुख्य मुद्दे उभरे:
चयन सूची में गड़बड़ी के आरोप
अभ्यर्थियों का कहना है कि कम अंक वाले कुछ उम्मीदवार चयनित हो गए, जबकि ज्यादा अंक वाले बाहर रह गए। नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं थी। फिजिकल टेस्ट में भी पक्षपात के आरोप लगे। अभ्यर्थी भर्ती रद्द कर नई प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। सरकार का पक्ष है कि भर्ती नियमों के मुताबिक हुई है। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी।
खाली पदों पर दूसरी सूची की मांग
करीब 4,367 पदों पर चयन हो चुका है। लगभग 1,600 पद खाली बताए जा रहे हैं। अभ्यर्थी चाहते हैं कि इन पदों के लिए दूसरी चयन सूची जारी की जाए।
अदालत में भी मामला
जनवरी 2026 में बिलासपुर हाईकोर्ट ने कथित गड़बड़ियों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नई नियुक्तियों पर रोक लगाई थी। याचिकाकर्ताओं ने फिजिकल टेस्ट कराने वाली कंपनी पर सवाल उठाए थे और स्वतंत्र जांच की मांग की थी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से निर्धारित स्थान पर होना चाहिए। सड़क जाम से आम लोगों, मरीजों और छात्रों को परेशानी होती है। पुलिस अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।










