नई दिल्ली। इस साल धनतेरस (Dhanteras)पर देशभर में व्यापारियों को जोरदार खरीदारी की उम्मीद है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार, शुक्रवार को धनतेरस के दिन 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो सकता है। इसमें अकेले सोने और चांदी की बिक्री 60,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।
ऊंची कीमतों के बावजूद सोना-चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार खरीदारी के पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं। गहने, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामानों की बिक्री से बाजारों में अच्छी रौनक रहने की संभावना है।
सोना-चांदी पर सबसे ज्यादा जोर
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इसलिए इनकी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रहने की उम्मीद है। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के मुताबिक, कीमतें ऊंची होने के बावजूद मांग कम नहीं हुई है।
अब ग्राहक भारी गहनों के बजाय हल्के वजन के आभूषण ज्यादा पसंद कर रहे हैं। 14 कैरेट और 18 कैरेट के हल्के सोने के गहने इस बार खासतौर पर पसंद किए जा रहे हैं। चांदी के सिक्के, सजावटी सामान और मछली, कछुआ, हाथी जैसी शुभ आकृतियों वाली वस्तुएं भी खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं।
पिछले साल का कारोबार और इस साल का अनुमान
CAIT के अनुसार, पिछले साल त्योहारी सीजन में देशभर में करीब 6.05 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इसमें सामानों की बिक्री से 5.40 लाख करोड़ और सेवाओं से लगभग 65,000 करोड़ रुपये आए थे।
इस साल सेवा क्षेत्र (परिवहन, होटल, पर्यटन, खानपान, इवेंट मैनेजमेंट आदि) का कारोबार 80,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
व्यापारियों का मानना है कि इस बार स्थानीय और मेड इन इंडिया उत्पादों की मांग भी कारोबार बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है। ग्राहक ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ से जुड़े सामानों को प्राथमिकता दे रहे हैं। CAIT ने बताया कि उसका यह अनुमान विभिन्न राज्यों के व्यापारिक संगठनों से मिले आंकड़ों, ग्राहकों की मांग और छोटे शहरों-ग्रामीण बाजारों में बढ़ती हलचल पर आधारित है। संगठन शुक्रवार को वास्तविक बिक्री का जायजा लेने के बाद विस्तृत आंकड़े जारी करेगा।








