रायपुर। राजधानी रायपुर (Raipur) में साइबर ठगों ने एक निजी कंपनी के डायरेक्टर की पहचान का इस्तेमाल कर 80 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने डायरेक्टर के नाम और फोटो से फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया और कंपनी के अकाउंटेंट को पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। अकाउंटेंट ने मैसेज को असली समझकर रकम भेज दी। दो दिन बाद इसी तरीके से 13 लाख रुपए और ट्रांसफर कराए गए, लेकिन बैंक की मदद से यह रकम वापस मिल गई। शिकायत पर टिकरापारा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डायरेक्टर बनकर अकाउंटेंट को भेजे भुगतान के निर्देश
मामला देवपुरी स्थित राठी बंधुज कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का है। इसके डायरेक्टर विजय राठी कमल विहार के रहने वाले हैं। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 19 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:23 बजे कंपनी के अकाउंटेंट लेखराम चक्रधारी के पास एक अनजान नंबर से WhatsApp मैसेज आया। इसमें विजय राठी का नाम और प्रोफाइल फोटो लगी थी।
मैसेज भेजने वाले ने पहले कंपनी के बैंक खाते की जानकारी मांगी। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया के ‘M I CLOTHING’ नाम के खाते में भुगतान करने को कहा। अकाउंटेंट ने इसे डायरेक्टर का निर्देश समझकर कंपनी के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से आरटीजीएस (RTGS) के जरिए 80 लाख रुपए भेज दिए।
दो दिन बाद फिर भेजा मैसेज, 13 लाख रुपए वापस मिले
21 अक्टूबर को आरोपियों ने दोबारा संपर्क किया। इस बार फेडरल बैंक के ‘S S GOLD’ नाम के खाते में 13 लाख रुपए जमा कराने को कहा गया। अकाउंटेंट ने यह रकम भी ट्रांसफर कर दी। हालांकि, बाद में बैंक से संपर्क करने पर दूसरा ट्रांजैक्शन रिवर्स हो गया और पैसे कंपनी के खाते में लौट आए। पहले भेजे गए 80 लाख रुपए अब तक वापस नहीं मिले हैं।
बैंक खातों और फर्जी नंबर की जांच में जुटी पुलिस
टिकरापारा पुलिस अब उस मोबाइल नंबर की जानकारी जुटा रही है, जिससे फर्जी मैसेज भेजे गए थे। साथ ही दोनों बैंक खातों और रकम के आगे किए गए लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ठगी में कितने लोग शामिल हैं।
इस मामले में ठगों ने कंपनी का बैंक खाता हैक करने के बजाय डायरेक्टर की पहचान का सहारा लिया। बिना सीधे पुष्टि किए भुगतान करने से कंपनी को बड़ी रकम गंवानी पड़ी।











