नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। यह लोग पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की रेकी के साथ जंतर मंतर (Jantar Mantar protest) पर तोड़ फोड़ के फिराक में थे। इस मामले में मुख्य आरोपी की एक महिला साथी को भी पकड़ा गया है।
मुख्य आरोपी मोहम्मद हमीम मंडल को पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान जिले से शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। जबकि हमीम की कथित महिला मित्र और सहयोगी अर्पिता सरकार को भी शुक्रवार रात को हिरासत में लिया गया वह सोशल मीडिया पर सक्रिय थी। आरोपियों के पास से ब्रिटेन और मैक्सिको के अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड मिले हैं, जिनका इस्तेमाल विदेशी हैंडलर्स से बात करने के लिए किया जाता था जिसमें पाकिस्तान का शाहिद भट्टी गैंग मदद करता था।
शुभेंदु अधिकारी की रेकी
एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा के अनुसार, आरोपी हमीम मंडल पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहा था। उसका एक बड़ा प्लान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखना और उन जगहों की जानकारी जुटाना था जहां वे सुरक्षा घेरे से बाहर होते हैं। इसके साथ ही आरोपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर तोड़फोड़ और हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी। मुख्यमंत्री के अलावा, कई अन्य राजनेता और पुलिस अधिकारी भी इस आतंकी मॉड्यूल के रडार पर थे। वह कभी भी अपने मंसूबों को अंजाम दे सकता था।
हनी-ट्रैप और राज्य मंत्री के बेटे पर शिकंजा
एसटीएफ के मुताबिक, हमीम और अर्पिता ने मिलकर पश्चिम बंगाल के एक राज्य मंत्री के बेटे को ‘हनी-ट्रैप’ में फंसाकर अगवा करने और फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। यह पूरी साजिश पाकिस्तान स्थित शाहिद भट्टी गैंग के इशारे पर रची गई थी। अर्पिता सोशल मीडिया के जरिए इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।
इंस्टा पर सक्रिय था हमीम मंडल
मामले की जांच में सामने आया कि हमीम मंडल सबसे पहले इंस्टाग्राम पर पाकिस्तान के कुछ लोगों के संपर्क में आया था। इसके बाद वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स और सेशन जैसे एनक्रिप्टेड एप्स के जरिए हैंडलर्स से चैट करने लगा। जिन पाकिस्तानी हैंडलर्स से वह बात कर रहा था, उनके कोडनेम ‘राना’, ‘उजैर’, ‘आबिद जट्ट 333’ और ‘हमाद’ बताए जा रहे हैं।









