रायपुर। आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत (Dr. Charan Das Mahant) ने जनसंपर्क विभाग की पत्रिका के सलाहकार संपादक डॉ. अनिल द्विवेदी की कथित सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे प्रदेश के आरक्षित वर्गों का अपमान बताया है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस मामले में स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है।

डॉ. महंत ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि आरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों की तुलना अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों से करना केवल किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि संविधान के तहत आरक्षण का अधिकार पाने वाले करोड़ों लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि विवाद बढ़ने के बाद पोस्ट हटाना और खेद व्यक्त कर देना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी मानसिकता रखने वाले व्यक्ति को सरकार के जनसंपर्क विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर जिम्मेदारी कैसे दी गई। डॉ. महंत ने कहा कि जनसंपर्क विभाग मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास है और मुख्यमंत्री स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं। ऐसे में इस मामले में उनकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरक्षण संविधान द्वारा प्रदत्त सामाजिक न्याय का अधिकार है और इसके संबंध में किसी भी वर्ग के लोगों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार सामाजिक न्याय और संविधान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसी सरकार के विभाग से जुड़े व्यक्ति की ओर से इस तरह की टिप्पणी सामने आती है, जो गंभीर विरोधाभास को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
डॉ. महंत ने कहा कि विवादित पोस्ट सामने आने के बाद शिकायतें हुईं, पोस्ट हटाई गई और संबंधित व्यक्ति ने खेद भी जताया, लेकिन अब तक सरकार की ओर से किसी स्पष्ट कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की चुप्पी से आरक्षित वर्गों में गलत संदेश जा रहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सामाजिक न्याय और समरसता की भूमि है, जहां किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय का अपमान राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण में नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस पूरे प्रदेश में उठाएगी मुद्दा
डॉ. महंत ने कहा कि संत रविदास जयंती जैसे अवसर पर पूरे देश में सामाजिक समानता और सम्मान का संदेश दिया जा रहा है। ऐसे समय में आरक्षित वर्गों को लेकर इस तरह की कथित टिप्पणी सामने आना और उस पर सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस इस पूरे मामले को प्रदेश के हर शहर और कस्बे तक लेकर जाएगी तथा सरकार से जवाब मांगेगी कि मुख्यमंत्री के विभाग से जुड़े व्यक्ति को ऐसी टिप्पणी करने की हिम्मत कैसे हुई और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
डॉ. महंत ने कहा कि सामाजिक न्याय और आरक्षण के संवैधानिक अधिकार का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और कांग्रेस इस मुद्दे पर आरक्षित वर्गों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
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