रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा (CG Vidhan Sabha) के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा सदन में सबसे ज्यादा गरमाया। कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार पर गरीब परिवारों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने कार्रवाई को पूरी तरह संवैधानिक और न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुरूप बताया।
स्पीकर डॉ. रमन सिंह द्वारा स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने के बाद कांग्रेस विधायकों ने गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी की, जिसके चलते सभी कांग्रेस विधायक निलंबित कर दिए गए।
शून्यकाल के दौरान कांग्रेस ने नकटी गांव में हुई बेदखली और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने गरीब परिवारों के मकान तोड़कर मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है और भाजपा शासित राज्यों में “बुलडोजर कल्चर” को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले में अपनी ही पार्टी के सांसद की बात का भी सम्मान नहीं किया। विपक्ष ने पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बाद सभी कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया।
नकटी मामले पर सरकार की ओर से राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि बेदखली की कार्रवाई पूरी तरह संविधान और न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुरूप की गई।
उन्होंने कहा कि सभी अतिक्रमणकारियों को पहले विधिवत नोटिस दिए गए थे और पर्याप्त समय भी दिया गया था। कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की भी व्यवस्था की गई। मंत्री ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान भारी बारिश होने का दावा भी सही नहीं है।
मानसून सत्र के तीसरे दिन नकटी विवाद, बाघों के शिकार, स्वास्थ्य विभाग की दवा खरीद और ग्रामीण सड़कों की स्थिति जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार पर सरकार से जवाब तलब
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मामला उठाया। उन्होंने गिरफ्तार आईबी जवान का नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने और पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण होने का आरोप लगाया।
महंत ने कहा कि दो बाघों की हत्या कर करीब चार करोड़ रुपये कमाए गए, लेकिन वन विभाग के अधिकारी चुप बैठे रहे।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व में लगे कैमरे बंद नहीं थे और पूरे मामले की जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन मंत्री ने सदन को बताया कि वर्ष 2022 के आकलन में इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघों की पुष्टि हुई थी। वहीं छह बाघों की खाल बरामद हुई हैं, लेकिन यह पुष्टि नहीं हुई है कि वे सभी इसी रिजर्व के बाघों की हैं। उन्होंने बताया कि रिजर्व के संचालन पर प्रतिवर्ष करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं।
अमानक दवाइयों की खरीद पर सरकार घिरी
कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने सवाल उठाया कि गुजरात में रिजेक्ट की गई यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की दवाइयों की खरीद छत्तीसगढ़ में क्यों की गई।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब दिया कि गुजरात में जिस दवा पर प्रतिबंध लगाया गया था, उसकी खरीद छत्तीसगढ़ में नहीं की गई। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता परीक्षण में पिछले दो वर्षों के दौरान 24 दवाइयां फेल हुई हैं और चार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने गुजरात और छत्तीसगढ़ की कार्रवाई में अंतर पर सवाल उठाया, जिस पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने नियमों के तहत कार्रवाई कर रही है।
पीएम ग्राम सड़क योजना पर AI से होगा सड़कों का आकलन
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर भी सदन में लंबी चर्चा हुई। विधायक प्रबोध मिंज ने अपने क्षेत्र की 31 सड़कों में से केवल एक सड़क की मरम्मत के लिए बजट मिलने का मुद्दा उठाया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि 31 में से 25 सड़कों का पहले ही नवीनीकरण हो चुका है। छह सड़कों को मरम्मत की आवश्यकता है, जिनमें से दो को इस वर्ष शामिल किया गया है।
चर्चा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के आठ विधायकों ने भी अपने-अपने इलाकों की सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया।
विजय शर्मा ने कहा कि अब सड़कों की स्थिति का आकलन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए किया जाएगा। इसके लिए सड़क का वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा और AI तकनीक गड्ढों तथा मरम्मत की जरूरत का स्वतः विश्लेषण करेगी। उन्होंने बताया कि यह सुविधा एक संस्था द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
सदन में इस दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच सड़कों के मुद्दे पर हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली।











