‘मान जाओ, नहीं तो और भी तरीके हैं’- तांत्रिक बनकर गृह मंत्री को मनाने पहुंचे कवर्धा के Gen Z अभ्यर्थी

Chhattisgarh

रायपुर। सरकार से अपनी मांग मनवाने के लिए आपने प्रदर्शन के कई तरीके देखे होंगे… लेकिन Chhattisgarh के कवर्धा में पुलिस भर्ती के Gen Z अभ्यर्थियों ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया।

कोई सड़क पर धरने पर बैठा है… कोई नारे लगा रहा है… किसी ने सिर मुंडवा लिया… लेकिन एक अभ्यर्थी तो तांत्रिक बनकर तंत्र-मंत्र के जरिए गृह मंत्री विजय शर्मा को मनाने की कोशिश करता नजर आया।

इसका वीडियो वायरल हो रहा है और वीडियो के साथ लिखा है – ‘मान जाओ… नहीं तो और भी तरीके हैं।’

दरअसल, छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती में रिक्त पदों को भरने और दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर कवर्धा में अभ्यर्थी चार दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदेशभर से पहुंचे करीब 200 अभ्यर्थियों ने डिप्टी CM और गृह मंत्री विजय शर्मा के कवर्धा स्थित कार्यालय के सामने धरना दिया। रविवार को प्रदर्शन उस समय और उग्र हो गया, जब अभ्यर्थियों ने कार्यालय के गेट के सामने बैठकर और लेटकर नारेबाजी शुरू कर दी।

अभ्यर्थियों की मांग है कि पुलिस आरक्षक भर्ती में बचे हुए रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए और इन पदों के लिए दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब स्वीकृत पद खाली हैं तो भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति का मौका दिया जाना चाहिए।

पुलिस भर्ती के अभ्यर्थी पिछले चार दिनों से कवर्धा में आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने खुले आसमान के नीचे रात बिताई। इस दौरान उन्होंने भजन गाए, ढोल बजाए और सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए कुछ अभ्यर्थियों ने सिर भी मुंडवाया।

रविवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर पहुंच गए। यहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की। दिनभर चले प्रदर्शन के बाद रात में भी अभ्यर्थी कार्यालय के बाहर डटे रहे। इस दौरान ढोल-नगाड़े बजाए गए और फिल्मी गानों के बीच प्रदर्शन जारी रहा।

जमीन पर बैठकर अभ्यर्थियों से मिले विजय शर्मा

रविवार देर शाम गृह मंत्री विजय शर्मा खुद प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने जमीन पर बैठकर अभ्यर्थियों की मांगें सुनीं और उन्हें समझाने की कोशिश की।

गृह मंत्री ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर वे स्वयं कैबिनेट में भी बात रख चुके हैं। अब कैबिनेट और मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी।

विजय शर्मा ने अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बातचीत कराने का प्रयास करने की बात भी कही। हालांकि अभ्यर्थी तत्काल निर्णय की मांग पर अड़े रहे। करीब आधे घंटे तक बातचीत के बाद भी दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

डिप्टी सीएम के गेट पर बैठ गए अभ्यर्थी

गृह मंत्री से बातचीत के बाद जब कोई तत्काल निर्णय नहीं हुआ तो अभ्यर्थियों का प्रदर्शन और उग्र हो गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी गृह मंत्री के कार्यालय के गेट के ठीक सामने बैठ गए और कुछ अभ्यर्थी सड़क पर लेटकर नारेबाजी करने लगे।

स्थिति ऐसी रही कि गृह मंत्री का सरकारी वाहन भी कार्यालय से बाहर नहीं निकल सका। बाद में वे दूसरे वाहन से वहां से रवाना हुए।

1,940 रिक्त पदों को लेकर अभ्यर्थियों का दावा

अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस आरक्षक भर्ती अभियान में कुल 5,967 पद स्वीकृत किए गए थे। इनमें बड़ी संख्या में पद अब भी खाली हैं। प्रदर्शनकारी करीब 1,600 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की मांग कर रहे हैं।

वहीं, अभ्यर्थियों की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि कुल स्वीकृत पदों में से 1,940 पद अभी भी रिक्त हैं। उनका कहना है कि इन पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी की जाए।

अभ्यर्थियों का तर्क है कि उन्होंने पुलिस भर्ती की चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया और इसके लिए लंबे समय तक तैयारी की है। ऐसे में स्वीकृत पद खाली रहने के बावजूद नियुक्ति का अवसर नहीं मिलना उनके लिए निराशाजनक है।

‘सेकंड वेटिंग लिस्ट जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा’

धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांग बेहद स्पष्ट है। जब तक रिक्त पदों के लिए दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की जाती, तब तक वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कवर्धा पहुंचकर उनसे सीधे बातचीत करने और रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है।

गृह मंत्री विजय शर्मा का कहना है कि रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार स्तर पर पहल की जा रही है, लेकिन अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और कैबिनेट को लेना है। दूसरी ओर, अभ्यर्थी तत्काल निर्णय की मांग पर अड़े हुए हैं।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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