Kulgam attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दोनों मजदूरों के शव उनके गृह जिलों तक नहीं लाए गए और वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता बताया।
शुक्ला ने बताया कि मारे गए दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। एक सारंगढ़-बिलाईगढ़ और दूसरा सक्ति जिले का निवासी था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मजदूरों को सुरक्षा देने में नाकाम रही। मौत के बाद परिजनों को अंतिम दर्शन का मौका भी नहीं मिला।
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है कि दूसरे प्रदेश में आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों के शव सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाए जाएं लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि क्या मजदूर होने की वजह से उनके साथ अलग व्यवहार किया गया?
सरकार ने परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा घोषित किया है। कांग्रेस ने इसे अपर्याप्त बताते हुए एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। शुक्ला ने कहा कि परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं, इसलिए सरकार को बड़ी राहत देनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। शुक्ला ने कहा कि पहलगाम के बाद अब कुलगाम में भी आतंकियों ने लोगों को निशाना बनाया है। केंद्र कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में विफल रही है। उन्होंने इस हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर दो आतंकियों ने हमला किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों सक्ति जिले के 24 वर्षीय दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 28 वर्षीय भूपेंद्र भैना से पहचान पूछने के बाद नजदीक से गोली चला दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। दीपक को अनंतनाग अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि भूपेंद्र का श्रीनगर के SKIMS में इलाज के दौरान निधन हो गया। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन TRF ने लेने का दावा किया है।











