रायपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) रेड स्टार (CPI(ML) Red Star) का दो दिवसीय 10वां छत्तीसगढ़ राज्य सम्मेलन अभनपुर स्थित शहीद रमेश परिदा हॉल, भोजलाल नेताम नगर (आदिवासी भवन) में संपन्न हुआ। सम्मेलन में पार्टी ने फासीवाद, कॉरपोरेट वर्चस्व और सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ जनसंघर्ष तेज करने का आह्वान किया। साथ ही 16 से 20 सितंबर 2026 तक कर्नाटक के रायचूर में आयोजित होने वाले पार्टी के 13वें महाधिवेशन को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य तुहिन देव ने किया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने की। स्वागत भाषण पार्टी के केंद्रीय समिति सदस्य एवं राज्य सचिव कॉमरेड सौरा ने दिया, जबकि विशिष्ट संबोधन पोलित ब्यूरो सदस्य एवं मध्य प्रदेश राज्य सचिव कॉमरेड विजय ने किया।
उद्घाटन सत्र में विभिन्न जन संगठनों और सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें अमरजीत पटेल (मूलनिवासी संघ), प्रसाद राव (जन संघर्ष मोर्चा), जी.सी. बरनावा (सीपीआई), श्याम मूरत कौशिक (छत्तीसगढ़ किसान मजदूर संघ), तेजराम विद्रोही (भारतीय किसान यूनियन-टिकैत), एम. मथाई (मूलनिवासी संघ), घासनीन बाई (छत्तीसगढ़ महिला मुक्ति मोर्चा), हेमा (अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन), लोकेश्वरी नेताम, युवराज नेताम, प्रताप मरकाम और रामचरण नेताम शामिल रहे।
प्रतिनिधि स्तर में राज्य समिति की राजनीतिक एवं संगठनात्मक रिपोर्ट पर चर्चा के बाद उसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके साथ ही संशोधित पार्टी कार्यक्रम, पार्टी संविधान, राजनीतिक प्रस्ताव और क्रांति के पथ से जुड़े दस्तावेजों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इन दस्तावेजों को अंतिम रूप रायचूर में होने वाले महाधिवेशन में दिया जाएगा।
सम्मेलन में 10 सदस्यीय नई राज्य समिति का गठन किया गया, जिसमें सौरा को पुनः राज्य सचिव चुना गया। इसके अलावा पार्टी महाधिवेशन के लिए पांच प्रतिनिधि और पांच पर्यवेक्षक भी चुने गए।
राज्य सम्मेलन में कुल 15 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें देशभर में छात्र-युवा आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई के मामलों में न्याय की मांग, संयुक्त किसान मोर्चा की मांगों का समर्थन, श्रम संहिताओं (लेबर कोड) का विरोध, वीबी रामजी योजना वापस लेकर मनरेगा बहाल करने की मांग, छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक का विरोध, स्कूलों में गायत्री मंत्र आधारित प्रार्थना पर आपत्ति, बालोद जिले के जामडीपाट में आदिवासी धार्मिक स्थल से जुड़े विवाद तथा गाजा-फिलिस्तीन, ईरान और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से संबंधित प्रस्ताव शामिल रहे।
सम्मेलन में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि देश में कॉरपोरेट हितों और सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल, जंगल और जमीन, विशेषकर हसदेव अरण्य से जुड़े मुद्दों पर जन आंदोलनों को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मिलकर व्यापक जनसंघर्ष चलाने और फासीवाद विरोधी मोर्चे को मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
सम्मेलन में राज्यभर से पार्टी पदाधिकारियों, किसान, मजदूर, महिला, छात्र, आदिवासी और अन्य जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।








