रायपुर। छत्तीसगढ़ के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, (Durg University)के कुलसचिव डॉ. भूपेंद्र कुमार कुलदीप को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कुलसचिव के खिलाफ मोहन नगर थाना पुलिस ने FIR दर्ज की थी।
दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के कथित शोषण, वेतन से राशि अपने बेटे के अकाउंट में ट्रांसफर कराने और पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों के मामले में विश्वविद्यालय की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. भूपेंद्र कुमार कुलदीप से जुड़े मामलों को द लेंस लगातार प्रमुखता से उठाता रहा है। सबसे पहले महिला दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के कथित शोषण और वेतन से राशि ट्रांसफर कराने के आरोपों को सामने लाया गया। इसके बाद फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट, पुलिस को भेजी गई एफआईआर की अनुशंसा, एफआईआर में हुई देरी, विश्वविद्यालय द्वारा डीजीपी से की गई शिकायत और कुलसचिव पर लगे अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर भी द लेंस ने लगातार खबरें प्रकाशित कीं। अब इसी मामले में कुलसचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के साथ जांच औपचारिक रूप से आगे बढ़ गई है।
इस मामले में विश्वविद्यालय ने पहले ही पुलिस को विस्तृत जांच रिपोर्ट, शिकायतकर्ता का शपथपत्र, बैंक स्टेटमेंट, फोनपे ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए कुलसचिव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की थी। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर सवाल उठे थे।
DGP से भी की थी ऑनलाइन शिकायत
इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर दुर्ग सीएसपी और मोहन नगर थाना प्रभारी की भूमिका की जांच की मांग भी की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई में देरी हुई और पीड़िता पर दबाव बनाए जाने की शिकायतों पर भी पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
अब मोहन नगर थाना पुलिस ने कुलसचिव डॉ. भूपेंद्र कुमार कुलदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या हैं आरोप?
शिकायतकर्ता महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों के बजाय कुलसचिव के सरकारी आवास पर निजी कार्य करने के लिए लगाया गया। साथ ही, उसके खाते में आने वाले वेतन का बड़ा हिस्सा कथित रूप से दबाव बनाकर कुलसचिव के बेटे के खाते में ट्रांसफर कराया जाता था।
विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच के बाद आरोपों को प्रथम दृष्टया सही माना था। इसके बाद पुलिस कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी।
पहले भी विवादों में रहे हैं कुलसचिव
डॉ. भूपेंद्र कुमार कुलदीप पहले भी वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी वाहन के कथित दुरुपयोग और पीएचडी डिग्री से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं। इन मामलों में भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें और जांच की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा शासकीय वाहन के दुरुपयोग को लेकर भी जांच चल रही है।









