‘बच्चे कैसे सीखते हैं’ विषय पर रायपुर में शिक्षकों को ट्रेनिंग

रायपुर। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने गुरुवार को रायपुर के शांतिनगर स्थित विमतारा में ‘बच्चे कैसे सीखते हैं’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तैयार किए गए एनसीएफ 2023 के संदर्भ में आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से करीब 200 शिक्षक और शिक्षाविद शामिल हुए।

संगोष्ठी का उद्देश्य बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझना और कक्षा शिक्षण को अधिक सार्थक, रोचक एवं प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम की शुरुआत फाउंडेशन की जिला प्रमुख इती ने की। उन्होंने फा उंडेशन द्वारा शिक्षा और शिक्षक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी साझा की।

इसके बाद अजीम प्रेमजी स्कूल के प्रिंसिपल अर्द्धेंदु दास ने एनसीएफ 2023 के अनुरूप विद्यालय में किए जा रहे शैक्षणिक प्रयासों और व्यवहारिक प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों के लिए आनंददायक, समावेशी और अर्थपूर्ण शिक्षण वातावरण तैयार करने के अनुभव भी साझा किए।

फ़ाउंडेशन की मालविका ने एनसीएफ 2023 पर प्रस्तुति देते हुए बच्चों के सीखने की प्रक्रिया, कक्षा में सहभागिता और शिक्षकों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

संगोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षण प्रक्रिया से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न पहलुओं पर संवाद किया। प्रश्नोत्तर सत्र में शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने सवाल, सुझाव और अनुभव साझा किए।

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पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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