Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज सोमवार 23 मार्च 2026 जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी लाल निशान में खुले और कारोबार के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स दिन की शुरुआत में 800 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 73,732 के स्तर पर खुला था। अब यह करीब 1,500 अंकों की गिरावट के साथ 73,100 के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं निफ्टी भी 450 अंकों की कमजोरी के साथ 22,700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर आज लाल निशान में हैं। बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है।गिरावट की मुख्य वजहें अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव, मध्य पूर्व में जारी युद्ध की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इससे निवेशकों में डर बढ़ा है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1% से ज्यादा बढ़कर 108-113 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। भारत जैसे आयातक देश के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।

अमेरिकी बाजारों में शुक्रवार 20 मार्च को गिरावट रही। डाउ जोन्स 444 अंकों (0.96%) की गिरावट के साथ 45,577 पर बंद हुआ। नैस्डैक 2% गिरकर 21,647 पर और S&P 500 1.5% नीचे 6,506 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजार भी आज लाल निशान में हैं , जापान का निक्केई 3.35% गिरकर 51,582 पर, हांगकांग का हैंग सेंग 3.37% नीचे 24,424 पर, चीन का शंघाई कंपोजिट 2.29% गिरकर 3,866 पर।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
युद्ध और तेल की ऊंची कीमतों के चलते रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। आज यह 93.86 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले दिनों से 30-40 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 20 मार्च को 5,518 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की। मार्च में अब तक FII ने 86,780 करोड़ रुपये निकाले हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,706 करोड़ की खरीदारी की और महीने में कुल 101,168 करोड़ की खरीदारी की है। DII की मजबूत खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है, लेकिन FII की बिकवाली दबाव बना रही है। शुक्रवार 20 मार्च को बाजार में अच्छी तेजी थी। सेंसेक्स 326 अंकों (0.44%) चढ़कर 74,533 पर और निफ्टी 112 अंकों (0.49%) की बढ़त के साथ 23,114 पर बंद हुआ था। आईटी, मेटल और कुछ अन्य सेक्टरों में खरीदारी रही थी लेकिन आज ग्लोबल संकेतों ने सब बदल दिया











