साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए नामों की घोषणा ऐन वक्‍त पर टली, जानिए क्‍या रही विवाद की वजह?

December 18, 2025 8:38 PM
Sahitya Akademi Award

लेंस डेस्‍क। Sahitya Akademi Award: साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 के विजेताओं के नामों की घोषणा नहीं हो सकी। इससे जुड़ी एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस को आज ऐन वक्‍त पर टाल दिया गया। ऐसा किसलिए किया गया इस बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं दी गई। प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में 24 भारतीय भाषाओं में पुरस्‍कारों के लिए लेखकों की घोषणा की जानी थी।

अकादमी के कॉन्फ्रेंस हॉल में मीडिया कर्मी और अन्य लोग कार्यवाहक सचिव के आने का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक सूचना मिली कि कार्यक्रम रद्द हो गया है। कई कार्यकारी बोर्ड सदस्यों ने बताया कि संस्था के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। कुछ ने इसे बेहद अफसोसजनक बताया।

साहित्य अकादमी से जुड़े एक सदस्य के हवाले से हिन्‍दुस्‍तान अखबार की खबर के अनुसार 16 दिसंबर को भाषाई निर्णायक पैनलों की बैठकें हो चुकी थीं और सभी भाषाओं के लिए विजेता रचनाओं का फैसला हो गया था। परंपरा के मुताबिक अगले दिन बोर्ड की मुहर लगते ही नामों की सार्वजनिक घोषणा कर दी जाती है, जिसमें पूरी गोपनीयता बरती जाती है। बोर्ड सहमति देता है, फिर सचिव प्रेस को जानकारी देते हैं।

इस बार कार्यवाहक सचिव की ओर से कोई विरोध नहीं था, लेकिन संस्कृति मंत्रालय की ओर से बैठक में मौजूद जॉइंट सेक्रेटरी ने कुछ आपत्तियां उठाईं। इससे बोर्ड सदस्यों में नाराजगी फैल गई। कई सदस्यों का कहना था कि अब तक सरकार इन चयन प्रक्रियाओं में कभी दखल नहीं देती थी। अगर कोई नया नियम लागू करना है तो उसे अगले साल से शुरू करें और सरकार खुद इसकी घोषणा करे, लेकिन पुरानी व्यवस्था को बीच में न बदला जाए।

मामला बढ़ने पर आखिरकार प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी गई, हालांकि विजेताओं के नाम पहले ही बोर्ड को बता दिए गए थे। हिस्‍दुस्‍तान की खबर के अनुसार हिंदी श्रेणी के बारे में पूछने पर एक सदस्य ने बताया कि वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया की रचना को चुना गया है।

एक अन्य सदस्य ने इसे अकादमी के स्वायत्त कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप करार दिया और कहा कि यह पहली बार हुआ है, जो संस्था की गरिमा के लिए ठीक नहीं। यह एक स्वतंत्र और प्रतिष्ठित संगठन है, जिसमें बाहर से इस तरह का दखल मंजूर नहीं किया जा सकता।

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