रायपुर में जसम छत्तीसगढ़ का पहला राज्य सम्मेलन सम्पन्न, मार्क्सवादी चिंतक ने कहा – न्याय, आज्ञाकारिता से ऊपर

Jan Sanskriti Manch

रायपुर। जन संस्कृति मंच, जसम (Jan Sanskriti Manch) छत्तीसगढ़ का पहला राज्य सम्मेलन हाल ही में रायपुर के वृंदावन हॉल में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में साहित्यकार, संस्कृतिकर्मी, पत्रकार और बुद्धिजीवी शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श के साथ-साथ संगठन की पहली राज्य इकाई का गठन भी किया गया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि और प्रखर मार्क्सवादी चिंतक रामजी राय ने कहा कि ‘न्याय, आज्ञाकारिता से ऊपर है। सत्ता हमेशा आज्ञाकारिता सिखाती है, लेकिन सच्चा बुद्धिजीवी वही है जो सूरज के धब्बे को भी धब्बा कहने का साहस रखता हो।’ उन्होंने विवेक और प्रतिरोध की आवश्यकता पर जोर दिया।

आलोचक सियाराम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं पर खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था को फासीवादी बताते हुए समाज में नफरत, हिंसा और विभाजन की राजनीति पर चिंता जताई।

जसम के राष्ट्रीय महासचिव मनोज सिंह ने संगठन के 40 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि संस्कृति कर्मियों को समाज में हो रहे शोषण और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

आलोचक प्रेमशंकर और प्रगतिशील लेखक संघ रायपुर के अध्यक्ष अरुणकांत शुक्ला ने भी अपने विचार रखते हुए संगठन के विस्तार और प्रतिरोध की आवश्यकता पर जोर दिया।

सम्मेलन के दौरान कवियों द्वारा विचारोत्तेजक कविताओं का पाठ किया गया, वहीं डॉ. पूनम संजू ने करमा लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। इंडियन रोलर बैंड के कलाकारों ने अपने गीतों से दर्शकों को प्रभावित किया।

दुर्ग-भिलाई इकाई की ओर से नाटक आओ अब लौट चलें का मंचन किया गया, जिसे दर्शकों की सराहना मिली।

इसके अलावा कविता पोस्टरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें पंकज दीक्षित, दुर्गेश भार्गव और सर्वज्ञ नायर के कार्य शामिल रहे।

राज्य इकाई का गठन, रूपेंद्र तिवारी बनीं अध्यक्ष, राजकुमार सोनी सचिव

सांगठनिक सत्र में विचार-विमर्श के बाद जसम छत्तीसगढ़ की पहली राज्य इकाई का गठन किया गया। रूपेंद्र तिवारी को अध्यक्ष और राजकुमार सोनी को सचिव चुना गया। इसी तरह मुदित मिश्र उप सचिव बनाए गए।

रूपेंद्र तिवारी।
राजकुमार सोनी।

इसके साथ ही कई वरिष्ठ साहित्यकारों को संरक्षक बनाया गया और विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संगठन की 35 सदस्यीय कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इस राज्य सम्मेलन में प्रदेशभर से साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार और बुद्धिजीवी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन दीपक सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राजकुमार सोनी ने किया।

सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी चिंतक राजेश्वर सक्सेना, नंद कश्यप, आलोचक सियाराम शर्मा, जनकवि वासुकी प्रसाद उन्मत, कथाकार कैलाश बनवासी और जितेंद्र गढ़वी को संरक्षक बनाया गया है.

कवि हरगोविंद पुरी को मध्यप्रदेश जसम का समन्वयक और उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. जसम की रायपुर ईकाई से संबद्ध अजय शुक्ला, कवि घनश्याम त्रिपाठी भिलाई और निहाल सोनी बिलासपुर को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है.

रायपुर जसम से संबद्ध सनियारा खान, भिलाई के साथी सुरेश वाहने और बिलासपुर जसम के योगेन्द्र साहू को सह-सचिव नियुक्त किया गया है. कोषाध्यक्ष पद को संभालने की जिम्मेदारी संस्कृतिकर्मी सुलेमान खान को सौंपी गई है. जसम की सांस्कृतिक टीम में रायपुर से वर्षा बोपचे, सुनीता शुक्ला और समीक्षा नायर को शामिल किया गया है.

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