नेशनल ब्यूरो | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दो पेज का बयान जारी करते हुए लिखा कि पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर उनका मन दुखी है। यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रतिक्रिया और मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस्तीफे पर कहा कि यह दिखाता है कि अगर आप कुछ चाह लें तो उसे पूरा कर सकते हैं। उन्होंने तीन और मांगें रखीं:
- पेपर लीक के कारण जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो।
- जिन सुरक्षाकर्मियों ने 20 तारीख को छात्रों को पीटा, वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा: “ये इस्तीफा नहीं, इंकलाब है!”
राहुल गांधी
राहुल गांधी ने वीडियो बयान में कहा: “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे एजुकेशन सिस्टम को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है। सड़कों पर आकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।”
अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने कहा: “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरे देश को बधाई। लोकतंत्र के लिए बड़ी जीत।” उन्होंने वीडियो मैसेज शेयर करते हुए लिखा कि सरकार को जनता के सामने झुकना पड़ा।
अधीर रंजन चौधरी
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा: “आखिर में कम से कम मैं यह कह सकता हूं कि सरकार पर समझदारी हावी हो गई है। यह बहुत पहले किया जा सकता था। अगर यह बहुत पहले किया गया होता तो इस तरह की अनहोनी से बचा जा सकता था। पैलेट गन, आंसू गैस, लाठीचार्ज सब कुछ टाला जा सकता था। अब मुझे लगता है कि निराशा में सरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देने पर मजबूर हुई है। मुझे प्रदर्शनकारियों, उनके जज्बे और पक्के इरादे को सलाम करना चाहिए। मुझे अपने नेता राहुल गांधी को सलाम करना चाहिए, जो हमेशा उनके साथ खड़े रहे।”
सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक ने लिखा: “यह लोकतंत्र की जीत है। डायरेक्ट डेमोक्रेसी… जो सड़कों से निकला है। ये शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और देश की ‘जेन जी’ (Gen Z) को बधाई, और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई। जवाबदेही से अब सुधार की ओर।”
कांग्रेस का आधिकारिक बयान
कांग्रेस ने एक्स पर लिखा: “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत है, भारत के GEN Z की जीत है। ये जीत उन करोड़ों युवाओं की है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवाज बुलंद की। युवाओं के सत्य के सामने नरेंद्र मोदी का घमंड टूटा है, उनके झूठ की हार हुई है। युवाओं ने एक अयोग्य और भ्रष्ट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।”कांग्रेस ने पीएम मोदी से युवाओं पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए माफी मांगने की अपील भी की है। विपक्ष ने NEET पेपर लीक के खिलाफ लड़ाई जारी रखने और शिक्षा व्यवस्था सुधारने की प्रतिबद्धता जताई है।










