बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बाद तुमकुरु से कांग्रेस विधायक एच.डी. रंगनाथ ने भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रार्थना गीत की शुरुआती पंक्तियां, ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’, गुनगुनाईं और इसकी तारीफ की।
तुमकुरु के कुनिगल में पत्रकारों से बातचीत में रंगनाथ ने इस गीत को बेहद सुंदर बताया। उन्होंने कहा कि जब डिप्टी सीएम शिवकुमार ने इसे विधानसभा में गाया, तभी से उनकी इसमें रुचि जगी। गीत को सुनने और इसका अर्थ समझने के बाद वे इससे काफी प्रभावित हुए।
उनके मुताबिक गीत में उस मातृभूमि को प्रणाम करने की बात है, जहां हमारा जन्म हुआ। इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है और उसे दूसरों की अच्छी चीजों को अपनाने में कोई हर्ज नहीं है।
रंगनाथ ने कहा कि उन्होंने यह गीत पहली बार तब सुना, जब शिवकुमार ने विधानसभा में इसे गाया। उन्होंने गीत का अर्थ पढ़ा, जिसमें मातृभूमि के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है। उनके लिए इसमें कोई गलत बात नहीं है। कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के तहत अच्छी चीजों को स्वीकार करना उनकी नीति का हिस्सा है।
भाजपा पर साधा निशाना
हालांकि, उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम करती है, जिसका कांग्रेस हमेशा विरोध करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की विचारधारा कभी भी कांग्रेस से मेल नहीं खा सकती। फिर भी, अगर कोई आरएसएस का गीत गाता है, तो इसमें क्या बुराई है? उनका बस यही सवाल है।
इससे पहले डी के शिवकुमार ने हाल ही में विधानसभा में चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ पर चर्चा के दौरान यह गीत गाकर सभी को हैरान कर दिया था। बाद में उन्होंने सफाई दी कि वे जन्मजात कांग्रेसी हैं और पार्टी के साथ पूरी तरह समर्पित हैं। भाजपा या आरएसएस से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। एक राजनेता के तौर पर उन्होंने भाजपा और जद-एस के साथ-साथ आरएसएस पर भी अध्ययन किया है। उन्हें इस बात की पूरी जानकारी है कि आरएसएस ने कर्नाटक में अपने संगठन को कैसे खड़ा किया।
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