नई दिल्ली। पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और कदम बढ़ाते हुए गुरुवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पास हो गया। सरकार और विपक्ष के बीच इस अहम विधेयक पर करीब सात घंटे तक बहस हुई। इसके बाद वोटिंग हुई, जिसमें विधेयक पास हो गया। विधेयक पर चर्चा के बाद आखिरी में जब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोलने पहुंचे तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का कहना था कि पूरे विपक्ष की मांग थी कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं लेकिन वे नहीं आए। इस पर विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा विधेयक पेश किए जाने के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल सजा बढ़ाने से समस्या नहीं रुकेगी। चर्चा के दौरान खरगे के शिक्षा संस्थानों में ‘मनुस्मृति’ मानने वालों और RSS के दखल संबंधी बयान पर सदन में भारी हंगामा हो गया, जिसके बाद सभापति ने विवादित टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दिया।
विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित की गई, जबकि वंदे मातरम् बिल दोनों सदनों से पारित हो चुका है। विधेयक में पेपर लीक की जांच दो महीने में पूरी करने, 10 साल तक की सजा और संगठित अपराध में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल सजा और जुर्माने का प्रावधान बढ़ाने से पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2024 में ही इस मुद्दे पर प्रभावी और मजबूत कानून लाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने उस समय इसे गंभीरता से नहीं लिया। खड़गे के मुताबिक, इसका नतीजा यह हुआ कि पेपर लीक कराने वाले बचते रहे और लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
इससे पहले यह विधेयक लोकसभा में करीब सात घंटे की चर्चा के बाद पारित हो चुका है। संशोधन के तहत पेपर लीक मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने, दोषियों को 10 साल तक की सजा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अब राज्यसभा से पारित होने के बाद विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
लोकसभा से पहले ही मिल चुकी है मंजूरी
इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने लंबी चर्चा और हंगामे के बाद इस संशोधन विधेयक को पारित कर दिया था। विधेयक पर करीब 11 घंटे तक बहस चली थी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के आंदोलन को लेकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
वंदे मातरम् बिल राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी पास हो गया है। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। स्पीकर ने इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।









