रायपुर। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर देश की राजनीति में जारी बहस अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। चुनाव आयोग के भीतर SIR को लेकर कथित आपत्तियों की जानकारी सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, भाजपा और RSS पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने भी सोशल मीडिया के जरिए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि कथित तौर पर हुई वोट चोरी जनता और संविधान के खिलाफ अपराध है। उन्होंने चुनाव आयोग, भाजपा और RSS पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में न्याय होगा।
राहुल गांधी के आरोपों और चुनाव आयोग के भीतर आपत्तियों से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने भी SIR को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव समेत कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।दीपक बैज ने एक्स पर लिखा, ‘SIR के जरिये वोट चोरी का मुद्दा राहुल गांधी लगातार उठा रहे हैं, चुनाव आयोग के भीतर भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर आपत्ति है। सोचिये किस तरह देश के नागरिकों के वोट चोरी करके भाजपा की सरकार बनवाई जा रही है।‘
भूपेश ने लिखा – देश का आदेश, इस्तीफा दो ज्ञानेश
भूपेश बघेल ने लिखा, ‘’देश का है आदेश इस्तीफा दो ज्ञानेश!! ‘गब्बर’ की शाबाशी के लिए दिन-रात अथक काम कर रहे ‘सांभा’ का भेद खुल गया है। कैसे तीन चुनाव आयुक्त में से दो को बिना जानकारी दिए, बिना सहमति लिए, नियम-क़ानूनों का उल्लंघन किया गया, आज Indian Express की रिपोर्ट से देश के सामने आ गया है। यह आदमी लोकतंत्र का हत्यारा है. यह देश का गुनहगार है। हमारे नेता राहुल गांधी द्वारा उठाये गये “वोट चोरी” के आरोप आज फिर से प्रमाणित हुए हैं। चुनाव आयोग को षड्यंत्र का केंद्र बनाने वाले इस व्यक्ति को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए और इसकी जांच भी होनी चाहिए।‘’
टीएस सिंह देव ने कहा – क्रिकेट मैच में अंपायर ही नियम बदलने लगे
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने लिखा, ‘कल्पना कीजिए, क्रिकेट मैच में अंपायर ही नियम बदलने लगे। सवाल यही है कि अगर चुनावी प्रक्रिया में ही पारदर्शिता पर सवाल उठें, तो लोकतंत्र में भरोसा कैसे कायम रहेगा? राहुल गांधी लंबे समय से ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहे हैं। अब चुनाव आयोग के भीतर SIR को लेकर सामने आई आपत्तियों और कथित तौर पर उठाए गए सवालों ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
आरोप यह है कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए वोटर के मतदान केंद्र तक पहुंचने से पहले ही उसका अधिकार प्रभावित किया जा सकता है। मुद्दा सिर्फ किसी एक पार्टी का नहीं, हर मतदाता के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता का है। अब जरूरत है कि SIR से जुड़े फैसलों, आपत्तियों और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और देश के सामने साफ हो कि आखिर फैसले कैसे और किस प्रक्रिया के तहत लिए गए।‘
भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच सोशल मीडिया वार
SIR के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच सोशल मीडिया पर भी तकरार देखने को मिली।
राहुल गांधी की पोस्ट को शेयर करते हुए जब भूपेश बघेल ने एक्स में लिखा, ‘लोकतंत्र के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। हिंदुस्तान जीतेगा- वोट चोर हारेंगे। जो भी इसमें लिप्त पाए जाएंगे, सबका हिसाब होगा।’
इस पर विजय शर्मा ने लिखा, ‘खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे…’
विजय शर्मा के इतना लिखने के बाद भूपेश बघेल ने दोबारा लिखा कि ‘इसे कहते हैं, चोर की दाढ़ी में तिनका मैंने बात कही ‘लोकतंत्र के हत्यारों’ और ‘वोट चोरों’ के बारे में। बचाव में खड़े हो गए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जी। वैसे, यह रिश्ता क्या कहलाता है?’
इस पर विजय शर्मा ने दोबारा लिखा, ‘ये सब करने के बजाय पहले अपना संगठन मजबूत करने पर ध्यान दीजिए, भूपेश जी। कांग्रेस को निपटाने के मामले में आपका अच्छा स्ट्राइक रेट है, आप जहां भी जाते हैं, वहां कांग्रेस को ठिकाने लगा देते है| पंजाब में भी आपकी ही पार्टी के नेताओं ने आपका विरोध किया। अच्छा हुआ कि आप वहां लंबे समय तक प्रभारी नहीं रहे, वरना कांग्रेस की स्थिति और बदतर हो जाती।’
इस तरह SIR का मुद्दा अब केवल चुनाव आयोग और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच इसे लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।






