महासमुंद (Mahasamund) जिले में कस्टम मिलिंग के तहत सरकारी चावल जमा नहीं करने वाले राइस मिलरों पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार, जिले के 17 राइस मिलरों पर करीब 21 करोड़ रुपये मूल्य का चावल बकाया है।
कस्टम मिलिंग के तहत मिलरों को सरकारी धान का उठाव करने के बाद निर्धारित समय सीमा में तैयार चावल FCI या नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के गोदामों में जमा करना होता है। समय सीमा खत्म होने के बावजूद चावल जमा नहीं करने पर विभाग ने संबंधित मिलरों को अंतिम नोटिस जारी किए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित समय में बकाया चावल जमा नहीं करने या उसकी राशि का भुगतान नहीं करने पर भू-राजस्व संहिता के तहत आरआरसी जारी कर वसूली की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित राइस मिलों और अन्य संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसके अलावा बकायादार मिलरों को आगामी विपणन वर्षों में सरकारी धान की कस्टम मिलिंग से बाहर करने के लिए ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
खाद्य विभाग और जिला विपणन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि कस्टम मिलिंग का चावल समय पर जमा नहीं करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और बकाया राशि की वसूली को प्राथमिकता दी जा रही है।






