राहुल गांधी पहुंचे रायबरेली, धरने पर क्‍यों बैठे योगी सरकार के मंत्री?

Rahul Gandhi Raebareli visit

रायबरेली। “देश की 90 प्रतिशत जनता ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों से है, लेकिन भाजपा और आरएसएस नहीं चाहते कि ये समुदाय आगे बढ़ें।“ यह बात आज कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रायबरेली में कही। वह प्रजापति समाज के एक सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ये लोग चाहते हैं कि दलित अपनी जगह पर ही रहें और बड़े उद्योगपति जैसे अंबानी वहीं बने रहें। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं ओबीसी हैं, लेकिन जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर चुप्पी साधे रहते हैं। संसद में इस सवाल को उठाने पर मोदी ने लंबा भाषण दिया, लेकिन जाति जनगणना पर एक शब्द नहीं बोले।

बुधवार सुबह 8:30 बजे राहुल गांधी दिल्ली से रायबरेली के लिए निकले। दिल्ली हवाई अड्डे से लखनऊ पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से रायबरेली गए। रास्ते में उनके काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा।

राहुल गांधी बटोही रिसॉर्ट में अपने पहले कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि कुछ गड़बड़ है, लेकिन कोई सबूत नहीं था। अब सबूत सामने हैं कि वोटों की चोरी हो रही है, जिसे रोकना जरूरी है।

उन्होंने चुनाव आयोग पर भी तानाशाही का आरोप लगाया। राहुल 10 और 11 सितंबर को रायबरेली में रहेंगे। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यह उनका छठा रायबरेली दौरा है।

मंत्री दिनेश सिंह ने प्रोटोकाल पर उठाए सवाल

रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी को भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने समर्थकों के साथ लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर राहुल के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारे लगाए।

बाद में दिनेश सिंह ने एक पत्र लिखकर राहुल गांधी के प्रोटोकाल पर सवाल उठाए। उन्‍होंने गृहमंत्री अमित शाह, सीएम योगी आदित्‍यनाथ को लिखे पत्र में कहा कि राहुल गांधी को राष्‍ट्राध्‍यक्ष जैसा प्रोटोकाल क्‍यों दिया गया। उन्‍होंने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष लेकिन रायबरेली का माहौल ऐसा बनाया गया जैसे किसी देश का कोई राष्‍ट्राध्‍यक्ष आ रहा हो।

प्रदर्शन के कारण राहुल का काफिला करीब एक किलोमीटर पहले रोक दिया गया। पुलिस ने मंत्री को हटाने की कोशिश की, जिस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हल्की झड़प भी हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री की मां के कथित अपमान का मुद्दा उठाकर राहुल पर निशाना साधा।

इस वजह से काफिला कुछ मिनटों के लिए रुका रहा। दिनेश प्रताप सिंह वही हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के खिलाफ रायबरेली से चुनाव लड़ा था।

इस दौरान “राहुल गांधी वापस जाओ” के नारे लगे। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। यह घटना हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गुलुपुर हाईवे पर हुई। दिनेश प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी पर तीखे आरोप लगाए।

विवादित पोस्टरों से हंगामा

राहुल गांधी के रायबरेली दौरे से पहले जिले में विवादित पोस्टर लगाए गए। इनमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को कलयुग के भगवान के रूप में दर्शाया गया।

पोस्टर में तेजस्वी को ब्रह्मा, राहुल को विष्णु और अखिलेश को महेश का अवतार बताया गया। इन पोस्टरों को समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव राहुल निर्मल बागी ने लगवाया। इससे जिले का माहौल और गरमा गया।

यह भी देखें: असम के भाजपा और असम गण परिषद से जुड़े तीन पूर्व विधायकों ने कांग्रेस का थामा हाथ

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